36 साल से चली आ रही 'वन चाइल्ड पॉलिसी' को चीन ने कहा अलविदा

नई दिल्ली (1 जनवरी): चीन ने पिछले 36 साल से चली आ रही 'वन चाइल्ड पॉलिसी' को अलविदा कह दिया है। शुक्रवार से आधिकारिक रूप से चीनी दंपतियों को दो बच्चे पैदा करने की अनुमति मिल गई। सरकार की इस नीति के लागू होने के बाद अब चीनी दंपति दो बच्चे पैदा कर पाएंगे। फिलहाल इससे अधिक बच्चे पैदा करने पर चीन में अभी भी प्रतिबंध है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ शर्तों के साथ पिछले कई वर्षों से इस नीति में छूट दी गई। लेकिन देश की बुजुर्ग होती आबादी की वजह से दशकों पुरानी नीति खत्म करने का फैसला लिया गया। चीन में 1970 के अंत में देश की आबादी एक अरब के आंकड़े को पार कर गई थी। सरकार इससे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को लेकर चिंतित थी। इसके बाद चीन के नेता डेंग जियाओपिंग ने 1979 में एक संतान नीति प्रस्तावित की, जिसे फिर अमल में लाया गया। 

चीन सरकार का मानना है कि एक संतान नीति से सरकार देश में 40 करोड़ बच्चों के जन्म को नियंत्रित कर पाई है, लेकिन यह आंकड़ा विवादास्पद है। हालांकि कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस नीति का विरोध करते हुए इसे प्रजनन और मानवाधिकारों का हनन बताया था। इन सब चुनौतियों की गंभीरता को देखते हुए एक संतान नीति को निरस्त कर दो बच्चे पैदा करने को मंजूरी दी गई है। आकलन है कि यदि देश में यह नीति जारी रहती तो 2050 तक चीन की एक चौथाई से अधिक की आबादी की उम्र 65 साल से अधिक होती। चीन के कुछ चुनिंदा वर्गों और उन लोगों को इस नीति के दायरे से बाहर रखा गया था, जिनकी पहली संतान बेटी थी।