पाक की सरजमीं पर चीन विरोधी आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप !

नई दिल्ली (7 मार्च): शिंयजियान प्रांत के उग्रवादियों का पाकिस्तानी तालिबान आतंकियों के साथ गठजोड़ की खबरों के बाद से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की रातों की नींद उड़ गयी है। पाकिस्तान सरकार उन आतंकी समूहों पर लगाम नहीं लगा पा रहा है जो चीनी उग्रवादियों को शह दे रहे हैं। शी जिनपिंग ने कुछ दिन पहले अपने उप प्रधानमंत्री को इस्लामाबाद भेजकर नवाज़शरीफ सरकार को अपनी चिंता से अवगत कराया था।

 लेकिन पाकिस्तान सरकार की कोई प्रभावी योजना के अभाव में चीन ने अब अपना एक अधिकारी इस्लामाबाद में नियुक्त कर दिया है तो पाकिस्तान सरकार और सेना को आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की योजना में सहयोग करेगा। ऐसा माना जा रहा है कि चीन के आईएसआई नहीं चाहती कि उसके पैदा किये गये आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करे। शी जिनपिंग के सामने मुश्किल ये है कि वो न तो 51 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट से हाथ खींच सकता है और न खुले तौर पर पाकिस्तान की आलोचना कर सकता है। हालांकि, पाकिस्तान को झटका देने के लिए चीन ने चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपेक) प्रोजेक्ट में थोड़ी ढिलाई दिखाई तो पाकिस्तान ने कुछ आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई लेकिन वो पर्याप्त नहीं बतायी जा रही है। इतना ही नहीं रिपोर्ट्स तो यह भी हैं अलकायदा के मौजूदा सरगना अल जवाहिरी को पाकिस्तान ने शरण दे रखी है, उसी के आतंकवादी चीन में तबाही मचाने का प्लान बना रहे हैं। कुछ ऐसी पिक्चर्स भी आयी है कि पाकिस्तान में ही उईगर आतकियों के प्रशिक्षण शिविर भी चल रहे हैं,लेकिन पाकिस्तान सरकार ने इन सभी से आंखें मूंद रखी हैं।