ताइवान और हांगकॉन्ग पर कुण्डली मार कर बैठा चीन

नई दिल्ली (6 मार्च): चीन ताइवान और हांग-कॉन्ग पर कुण्डली मारकर बैठ गया है। ताइवान और हांग कॉन्ग के लोगों के शांतिपूर्ण किये जा रहे प्रयासों को चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग ने को सिरे से खारिज कर दिया। ली ने कहा कि चीन, ताइवान के अलगाववाद का विरोध करता रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हॉन्ग कॉन्ग की आजादी की मांग का कोई फायदा नहीं होगा।

 चीन की नैशनल पीपल्स कांग्रेस के वार्षिक सत्र के दौरान ली ने कहा, 'हम ताइवान की आजादी के लिए अलगाववादी हरकतों का विरोध करने और इसे रोकने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ हैं। हम ऐसे किसी भी काम को बर्दाश्त नहीं करेंगे जो ताइवान को मातृभूमि से अलग करने के लिए हो। चाहे यह किसी भी प्रकार की हो।' उन्होंने कहा, 'ताइवान को देश के बड़े हितों के बारे में सोचना चाहिए और चीन के एकीकरण को लेकर काम करना चाहिए।' ली ने इसके साथ ही हॉन्ग कॉन्ग को स्वतंत्रता देने की संभावना को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इन कोशिशों का कोई नतीजा नहीं निकलेगा। ताइवान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के रुख को लेकर चीन और अमेरिका में तनाव बढ़ा है।