पीएम मोदी-जिनपिंग की मुलाकात का बड़ा असर, चीन ने 28 दवाओं पर से हटाई इंपोर्ट ड्यूटी

नई दिल्ली(4 मई): चीन ने 28 तरह की दवाओं के आयात को शुल्क मुक्त करार दिया है। यह फैसला 01 मई, 2018 से लागू हुआ है। यह भारत और चीन के बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने में अहम होगा। पिछले वित्त वर्ष के दौरान भारत और चीन के बीच 60 अरब डॉलर का व्यापार घाटा था जो चीन के पक्ष में था मतलब भारत में चीन से होने वाले आयात के मुकाबले यहां से होने वाला निर्यात काफी कम था।भारत में चीन के राजदूत लुओ झावहुई ने बताया है कि, 'सभी कैंसर दवाओं समेत 28 तरह की दवाओं के आयात को शुल्क मुक्त कर दिया गया है। मुझे उम्मीद है कि यह भारत और चीन के बीच कारोबारी घाटे को कम करने में मदद करेगा।' वर्ष 2017-18 में भारत ने चीन को महज 12 अरब डॉलर का निर्यात किया है जबकि आयात 72 अरब डॉलर का किया है। इस तरह से व्यापार घाटा चीन के पक्ष में तकरीबन 60 अरब डालर का है। वैसे भारत चीन से दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल का बहुत बड़ा आयातक है लेकिन चीन ने अभी तक इनसे बनी दवाओं के आयात पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे थे।अब कुछ अहम बीमारियों की दवाइयों पर आयात शुल्क घटने से भारतीय कंपनियों के लिए वहां का बाजार खुलेगा। मोटे तौर पर चीन में कैंसर की दवाओं का बाजार सालाना 19-20 अरब डॉलर है। जबकि इस बीमारी के लिए सस्ती व गुणवत्तापूर्ण दवा बनाने में भारतीय कंपनियां विश्वप्रसिद्ध हैं। ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा भी लगभग इसी अनुपात में कम होगा।