दलाई लामा-राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मुलाकात पर भारत ने चीन का विरोध किया खारिज

नई दिल्ली ( 17 दिसंबर ): तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा से राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की मुलाकात को लेकर चीन के विरोध को भारत ने खारिज कर दिया है। भारत ने कहा है कि दलाई लामा भारत के एक सम्मानित अतिथि हैं। वैसे भी राष्ट्रपति की उनसे मुलाकात एक गैर राजनीतिक कार्यक्रम में हुई है जो बच्चों के कल्याण से जुड़ा हुआ था।

चीन की तरफ से दलाई लामा की भारत में आने जाने को लेकर शिकायतों में हाल के महीनों में काफी इजाफा हो गया है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मुलाकात दलाई लामा से हुई। उस पर शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा है कि यह बहुत ही दुखद है।

दलाई लामा नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के चिल्ड्रंस फाउंडेशन के कार्यक्रम में शामिल होने राष्ट्रपति भवन गए थे। इसके बाद चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने पेइचिंग में कहा, 'चीन के विरोध के बावजूद दलाई लामा ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मुलाकात की। दलाई लामा लंबे समय से चीन विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। चीन उनके साथ अन्य देशों के अधिकारियों के संपर्क का सख्त विरोध करता है। हम भारतीय पक्ष से कहना चाहते हैं कि वह संबंधों को डिस्टर्ब करने वाली बातों से दूर रहे।'

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'दलाई लामा पर हमारा नजरिया हमेशा एक सा रहा है। वह सम्मानित और श्रद्धेय आध्यात्मिक नेता हैं। यह गैरराजनीतिक इवेंट बच्चों के कल्याण के लिए था, जिसके आयोजक नोबेल पुरस्कार विजेता थे।