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आतंकियों के साथ खड़ा हुआ चीन, मसूद अजहर के प्रस्ताव पर वीटो लगाया

मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट की सूची में डाले जाने कोअमेरिका, फ्रांस , ब्रिटेन और जर्मनी के प्रस्ताव पर चीन ने आखिरी समय पर वीटो लगाकर रोक दिया है। हालांकि आतंकवाद के खिलाफ दुनिया की कोशिशों को यह बड़ा झटका है लेकिन इससे पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई में कमी नहीं आयेगी

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली (13 मार्च):  मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट की सूची में डाले जाने कोअमेरिका, फ्रांस , ब्रिटेन और जर्मनी के प्रस्ताव पर चीन ने आखिरी समय पर वीटो लगाकर रोक दिया है।  हालांकि आतंकवाद के खिलाफ दुनिया की कोशिशों को यह बड़ा झटका है लेकिन इससे पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई में कमी नहीं आयेगी। मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट की सूची में डालने और उस पर प्रतिबंध लगाने के लिए फ्रांस,अमेरिका और ब्रिटेन के साथ जर्मनी भी आगया था। मसूद अजहर चीन की वजह से भले ही वैश्विक आतंकी घोषित न हो पाया फिर भी दुनिया में आतंक के खिलाफ मिले समर्थन को भारत की कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है। मसूद अजहर का नाम इस लिस्ट में आने के बाद उसकी आवाजाही सीमित हो जाती  साथ ही पाकिस्तान पर दबाव बनता कि वो मसूद के खाते सीज करे और उसकी संपत्ति को राजसात करे । 

 पुलवामा में सुरक्षा बलों पर आतंकी हमलों की सभी वीटो देशों ने भर्त्सना की है। चीन के अलावा बाकी देशों ने मसूद अजहर और उसके आतंकी गिरोह जैश-ए-मुहम्मद का नाम लेकर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ध्यान रहे पाकिस्तान का एक और आतंकी हाफिज सईद पहले से ही वैश्विक आतंकियों की लिस्ट में शामिल है। पाकिस्तान हाफिज सईद के कारण एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में शामिल है। ग्रे लिस्ट में जिस देश का नाम  शामिल हो जाता है वहां विदेशी निवेश कम हो जाता है, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाएं या तो आर्थिक मदद करदेती हैं या फिर बहुत कड़ी शर्तों के बाद मदद करती हैं। फिल्हाल पाकिस्तान को कर्जे की बहुत जरूरत है। खास तौर पर आईएमएफ से पाकिस्तान को बेल आउट पैकेज की जरूरत है और चीन ने मानवता को दांव पर लगाकर पाकिस्तान को मदद की है। 

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