नेपाल को आर्थिक मकड़ जाल में फांस रहा है चीन !

नई दिल्ली (7 फरवरी): भारत के विश्वसनीय साथी नेपाल पर चीन डोरे डालने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। नई दिल्ली, चीन और नेपाल के बीच बढ़ते विश्वास को समझ तो रहा है लेकिन ठोस कदम नहीं उठा पा रहा। चीन ने नेपाल में विदेशी निवेश के मामले में फिर सबको पीछे छोड़ दिया है। दरअसल, चीन नेपाल को आर्थिक जाल में फांसकर उसका उपयोग भारत के खिलाफ करना चाहता है। चीन इस जाल मे फांस कर नेपाल को अपनी साम्राज्य विस्तारवादी  नीति का शिकार बना सकता है। इस बात को भारत जान चुका है, लेकिन अभी तक कोई उपाया नहीं कर पाया है। नेपाल सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस वित्त वर्ष के पहले आधे हिस्से में नेपाल में होने वाले कुल एफडीआई में चीन का हिस्सा 68 प्रतिशत रहा। पिछले वित्त वर्ष के 40 प्रतिशत के मुकाबले चीन ने इस साल निवेश का रेकॉर्ड तोड़ा।

नेपाल के डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्री के अनुसार चीन ने इस वित्त वर्ष के पहले आधे हिस्से में 51 मिलियन डॉलर का निवेश किया है। नेपाल में इस समयसीमा में कुल 508 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश का वादा किया गया था। करीब 344 करोड़ रुपये का निवेश कर चीन ने नेपाल में सबसे अधिक विदेशी निवेश करने वाले देश के रूप में अपनी जगह और पक्की कर ली।