चीन को नहीं दिखता पाकिस्तान का आतंकवाद

नई दिल्ली (18 अक्टूबर): जैसे ही चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स से वापस लौटे वैसे ही बीजिंग ने अपना रंग दिखाते हुए एक बयान जारी कर कहा कि वह पाकिस्तान को आतंकवाद के साथ जोड़े जाने के विरुद्ध है। इसी के साथ ड्रैगन ने पाकिस्तान को आतंकवाद का सबसे बड़ा पीड़‍ित बता डाला।

चीन के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में बड़ा बलिदान दिया है और इसे अंतरराष्ट्रीय जमात द्वारा स्वीकार किए जाने की जरूरत है। इस खबर के सुनते ही भारत के लोगों में चीन के प्रति नफरत और भी ज्यादा बढ़ गई। लेकिन चीन ऐसा क्यों कर रहा है‍, इसे भी समझना बहुत ही ज्यादा जरूरी है।

अभी तक पाकिस्तान को सबसे ज्यादा मदद अमेरिका से मिलती थी, लेकिन ओसामा के मारे जाने और अफगानिस्तान से अपनी सेना हटाने के बाद उसने इस आतंकी देश से हाथ खींच लिया। इसके साथ ही पाकिस्तान के भूखे मरने के लाले पड़ गए। अब उसने चीन के सामने हाथ फैलाना शुरू कर दिया। यहीं नहीं चीन इस समय पाकिस्तान को सबसे बड़ा सामान बेचने वाला देश भी बन गया है, जो पहले कभी अमेरिका हुआ करता था।