खुला PAK का ग्वादर पोर्ट, विरोध में उतरे बलूच नेता


इस्लामाबाद (13 नवंबर): पाकिस्तान का ग्वादर पोर्ट रविवार को खुल गया है। यह चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) का ही हिस्सा है। पोर्ट खुलने के साथ ही चीन के शिप्स की वेस्ट एशिया और अफ्रीका तक आवाजाही होने लगी। वहीं कॉरिडोर का विरोध कर रहे बलूच नेताओं ने कहा है कि वे मरते दम तक इसका विरोध करते रहेंगे।

बलूचों के खून से बना है कॉरिडोर...
- एक्टिविस्ट जावद बलोच ने कहा, 'नवाज शरीफ ग्वादर पोर्ट का इनॉगरेशन करेंगे। ये बलूचों के खून से बना है। हम हमेशा इसका विरोध करते रहेंगे।'
- बलूच नेता हम्माल बलोच ने कहा, 'हम कॉरिडोर के खिलाफ हैं। ये बड़ा मुद्दा नहीं है। बड़ी बात ये है कि इसके चलते पाक ने कितने मासूम बलूचों को मौत के घाट उतार दिया।'

कहां है ग्वादर?
- बलूचिस्तान में स्थित ग्वादर अरब सागर तट पर स्थित है।
- ग्वादर पोर्ट की लोकेशन स्ट्रैटजिकली साउथ-सेंट्रल एशिया और पश्चिम एशिया को जोड़ती है।
- इसके अलावा ग्वादर, फारस की खाड़ी के मुहाने पर भी स्थित है जो इसे अरब देशों से जोड़ने में कारगर है।

चीन के लिए क्यों फायदेमंद?
- चीन अरब सागर और हिंद महासागर में पैठ बनाना चाहता है।
- ग्वादर के जरिए चीनी शिप्स को मलक्का की खाड़ी (मलय पेनिनसुला और इंडोनेशिया) में भी एंट्री मिल सकेगी।