मोदी-जिनपिंग की मुलाकात का असर, चीन ने खोले भारतीय दवाओं के लिए दरवाजे

नई दिल्‍ली (03 मई): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के पिछले सप्ताह मध्य चीनी शहर वुहान में अनौपचारिक शिखर वार्ता का जमीनी स्‍तर पर असर दिखने लगा है। चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने के लिए भारत की एक बड़ी मांग यह थी कि उसकी कंपनियों को दवा निर्यात करने की अनुमति दी जाए। चीन अभी तक इस बारे में काफी ना-नुकुर कर रहा था। लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग की वुहान में हुई अनौपचारिक वार्ता के दो दिनों बाद ही चीन ने 28 तरह की दवाओं के आयात को शुल्क मुक्त करार दिया है।  

भारत में चीन के राजदूत लुओ झावहुई ने बताया है कि, 'सभी कैंसर दवाओं समेत 28 तरह की दवाओं के आयात को शुल्क मुक्त कर दिया गया है। मुझे उम्मीद है कि यह भारत और चीन के बीच कारोबारी घाटे को कम करने में मदद करेगा।' वर्ष 2017-18 में भारत ने चीन को महज 12 अरब डॉलर का निर्यात किया है जबकि आयात 72 अरब डॉलर का किया है। इस तरह से व्यापार घाटा चीन के पक्ष में तकरीबन 60 अरब डालर का है।