मसूद अजहर पर बैन को लेकर बोला चीन, उम्मीद है सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य नियमों का पालन करेंगे

नई दिल्ली (10 फरवरी): आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में बैन करने में रोड़ा अटका आने पर भारत के कड़े ऐतराज के बाद चीन ने नियमों का हवाला दिया है। चीन ने शुक्रवार को कहा कि उसे उम्मीद है कि सुरक्षा परिषद के वे सभी सदस्य जो आतंकवाद के खिलाफ बनी समिति का हिस्सा हैं, नियमों का पालन करेंगे।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कैंग ने भारत के डिमार्श जारी करने के सवाल पर कहा, 'हम भारत के कूटनीतिक विरोध की रिपोर्ट को देखेंगे।' दरअसल 'डिमार्श' एक कूटनीतिक कदम है जिसे विरोध दर्ज कराने के लिए जारी किया जाता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 1267 समिति में अजहर को बैन करने के अमेरिकी प्रस्ताव के रास्ते में चीन ने तकनीकी तौर पर रोड़ा अटकाया था, जिसे लेकर भारत ने गुरुवार को चीन के खिलाफ डिमार्श जारी किया।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन ने दो दिन पहले ही अपने रुख को स्पष्ट कर दिया है। लु ने कहा, 'चीन सुरक्षा परिषद का जिम्मेदार सदस्य है। चीन ने हमेशा UNSC के प्रस्तावों और प्रक्रियागत नियमों के मुताबिक ही काम किया है। हम उम्मीद करते हैं कि सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य और इससे जुड़े हुए देश नियमों का पालन करेंगे।'

बीते 8 फरवरी को लू ने प्रतिबंधित आतंकियों की लिस्ट में अजहर को शामिल किए जाने की अमेरिकी प्रस्ताव को अवरुद्ध किए जाने के बचाव में कहा था कि इसमें 'शर्तें' पूरी नहीं की गईं। लू ने कहा, 'पिछले साल सुरक्षा परिषद की 1267 समिति ने मसूद को प्रतिबंध वाली सूची में शामिल किए जाने को लेकर चर्चा की थी। उसमें अलग-अलग राय सामने आई थी और किसी सहमति पर नहीं पहुंचा जा सका।'