'कश्मीर में बगावत करवाना चाहता था चीन'

नई दिल्ली (4 मार्च): जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि चीनी सरकार ने  1960 में शेख अब्दुल्ला को राज्य में सशस्त्र विद्रोह के लिये उकसाया था, जिसे उन्होंने ने मना कर दिया। अब्दुल्ला ने कहा कि चीनी नेता चाउ-एन-लाई ने अल्जीरिया में हुई कॉन्फ्रेंस के दौरान यह ऑफर दिया था। इस मौके पर अल्जीरियाई नेता अहम बेन बेला भी मौजूद थे।

अहम बेन वेला ने ही शेख अब्दुल्ला को चीन का ऑफर स्वीकर न करने का मशविरा दिया था।  उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में पार्टी के युवा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, अल्जीरियाई कॉन्फ्रेंस के दौरान चीन के नेता चाउ-एनलाई ने शेरे-कश्मीर शेख अब्दुल्ला को राज्य में सशस्त्र बगावत शुरू करने में सहयोग करने का ऑफर दिया था। हालांकि, उन्होंने यह ऑफर स्वीकार नहीं किया।

वह नहीं चाहते थे कि राज्य के युवाओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़े। अब्दुल्ला ने बताया कि बेला शेख अब्दुल्ला को एक कब्रगाह में ले गए और उन्हें अपने बेटे की कब्र दिखाई। अब्दुल्ला ने कहा, बेला ने शेख अब्दुला से कहा कि सभी कश्मीरी आपके बेटे हैं। अगर आप अपने बेटों को इस तरह से दफन करना चाहते हैं, तभी इस चीन के ऑफर को स्वीकार करें।'