चीन की वजह से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में आया जल प्रलय ?

नई दिल्ली (18 अगस्त): 'जमीन माफिया' चीन इन दिनों भारत को परेशान करने के लिए हर तरह की चालबाजी में जुटा है। ऐसे में अब सवाल उठने लगा है कि कहीं ऐसा तो नहीं की पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में आए जल प्रलय के पीछे भी चीन का हाथ है। दरअसल चीन हर साल ब्रह्मपुत्र नदीं में पानी के बारे में भारत को डाटा देता है लेकिन इसबार उसने ऐसा कुछ नहीं किया। चीन की इस हरकत और पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में आए जल प्रलय के पीछे ड्रैगन के हाथ होनी की आशंका जताई जा रही है।

इस बात की आशंका विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार के ताजा बयान से भी होती है जिसमे उन्होंने कहा है कि भारत को चीन से इस साल ब्रह्मपुत्र पर पानी के बारे में कोई डेटा नहीं मिला है। हालांकि इस मसले पर उन्होंने इससे ज्यादा कुछ भी नहीं कहा। बरसात के मौसम में लगातार पड़ोसी देश एक-दूसरे से नदियों में बढ़ते जलस्तर और बांधों से कितना पानी छोड़ा जा रहा है, इस बारे में आंकड़े सार्वजनिक किए जाते हैं, ताकि अगर बाढ़ जैसे हालात हों तो उससे निपटने की तैयारी की जा सके। लेकिन चीन ने इस साल ऐसा नहीं किया।

वैसे से उत्तरी भारतीय बाढ़ की चपेट में है. बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं। ऐसे में अगर चीन बिना बताए ब्रह्मपुत्र नदी में ज्यादा पानी छोड़ेगा तो इससे इन राज्यों के साथ-साथ दूसरे राज्यों में स्थिति और भयावह हो सकती है।  

दरअसल डोकलाम मुद्दे को लेकर चीन की ओर से लगातार भारत को युद्ध की धमकी मिल रही है। लेकिन चीन भारत पर सैन्य हमला किए बिना ही हमें बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। चीन भारत पर सैन्य हमले की बजाय पानी के जरिए हमला कर सकता है। जिससे सिर्फ बॉर्डर पर नहीं बल्कि कई राज्यों में तबाही मच सकती है।