जिबूती में चीन बना रहा है अपना पहला विदेशी मिलिट्री बेस

बीजिंग (12 जुलाई): चीन की विस्तारवादी नीति इन दिनों अपने पूरे उफान पर है। चीन जहां अपने पड़ोसियों की जमीन हथियानों की मुहिम में जुटा है वहीं हिंद महासागर में भी लगातार अपनी पैठ मजबूत कर रहा है। अपने इन्हीं विस्तारवादी नीति के तहत चीन विदेश में अपना पहला मिलिट्री बेस बना रहा है। इस सिलसिले में अपने चीन सेना लाव-लश्कर के साथ जिबूती के लिए रवाना भी हो चुका है।

दरअसल अफ्रीका का यह छोटा सा देश जिबूती लगातार विदेशी सेनाओं के केंद्र में रहा है। इससे पहले अमरीका, जापान और फ्रांस भी जिबूती में अपना सैनिक अड्डा बना चुके हैं। चीन का कहना है कि वह अपने मिलिट्री बेस के ज़रिए अफ्रीका और दक्षिण एशिया में शांति औक मानवता कायम करने में मदद करेगा। चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार इससे सैन्य सहयोग, नौसैनिक अभ्यास और बचाव मिशन के कार्य भी किए जाएंगे।