चीनी मीडिया ने बताया- इसलिए रियो ओलंपिक में फेल है भारत

नई दिल्ली(12 अगस्त): दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश भारत आखिर ओंलंपिक में मेडल के लिए इतना तरसता क्यों है। चीनी मीडिया ने इसके कुछ कारण बताए हैं।

- ये कारण हैं: बुनियादी सुविधाओं की कमी, खराब स्वास्थ्य, गरीबी, लड़कियों को खेलने की इजाजत न होना, लड़कों पर डॉक्टर और इंजिनियर बनने के लिए ज्यादा दबाव, दूसरे खेलों के बजाय क्रिकेट की ज्यादा लोकप्रियता, हॉकी में भारत का गिरता प्रदर्शन और ग्रामीण इलाकों में ओलिंपिक की जानकारी का अभाव।

- चीन रियो ओलिंपिक में 11 गोल्ड के साथ कुल 30 मेडल जीतकर अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर है। 

- एक आर्टिकल के मुताबिक, 'भारत की जनसंख्या 120 करोड़ है और चीन के बाद यह दुनिया का दूसरा सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश है। लेकिन, ओलिंपिक खेलों में भारत बहुत ही कम मेडल हासिल करता है। क्यों? जनसंख्या के सापेक्ष ओलिंपिक मेडल सूची में नीचे रहने वाले भारत ने 2012 ओलिंपिक में छह मेडल हासिल किए थे, जिनमें एक भी गोल्ड नहीं था।' आपको बता दें कि गुरुवार तक भारतीय खिलाड़ी रियो में एक भी मेडल नहीं जीत पाए।

इसी लेख में आगे लिखा गया है, 'पिछले तीन ओलिंपिक (2004 एथेंस, 2008 पेइचिंग, 2012 लंदन) देखें तो भारत ने अपनी जनसंख्या के लिहाज से जितने मेडल जीते हैं, वह उस हिसाब से लिस्ट में आखिरी नंबर पर आता है। अमीर और गरीब के बीच बड़े अंतर की वजह से गरीबों की जीने और खेल के लिए ऊर्जा बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इस आर्टिकल के मुताबिक, 'सरकार खेलकूद की बुनियादी सुविधाओं पर बहुत कम खर्च करती है। बड़े खेल और प्रतिस्पर्धात्मक खेल, दोनों ही भारत में पिछड़ रहे हैं।'

-एक वेबसाइट में लिखा गया है, 'क्रिकेट भारत का राष्ट्रीय खेल है। भारतीय इसे धर्म की तरह ही चाहते हैं। भारत में क्रिकेट पसंद न करने वाले को नास्तिक माना जा सकता है। ऐसे में कई युवा दूसरे खेलों की ट्रेनिंग लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। भारतीय क्रिकेट पसंद करते हैं और इसमें अच्छा प्रदर्शन करते हैं, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण रूप से क्रिकेट ओलिंपिक खेलों में शामिल नहीं है। भारतीय इसमें गोल्ड मेडल नहीं जीत सकते।'