अगर चीन ने अजहर को बचाया तो भारत की कारवाई के लिए तैयार रहे!

नई दिल्ली(30 दिसंबर): चीन को इस हफ्ते के आखिर तक आतंकी मसूद अजहर और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के बैन पर अपना रुख साफ कर देना होगा। भारत भी चीन के फैसले के इंतजार में है और उसी के मुताबिक अगला कदम उठाएगा।

- चीन ने इस साल 31 मार्च को आतंकी मसूद अजहर को आतंकी घोषित किए जाने के रास्ते में अड़ंगा लगा दिया। इसकी वजह से भारत की जैश-ए-मोहम्मद पर बैन लगाने की योजना भी नाकामयाब हो गई थी।

- संयुक्त राष्ट्र संघ के 15 देशों में समूह में अकेला चीन ही ऐसा था जिसने मसूद अजहर को आतंकी घोषित किए जाने के फैसले को 'होल्ड' पर रखा था। अगर अजहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी घोषित कर दिया जाता है तो उसकी संपत्ति फ्रीज कर दी जाएगा। इतना ही नहीं, उसके यात्रा करने पर भी रोक लगा दी जाएगी।

- अगर चीन अपने 'होल्ड' को आगे नहीं बढ़ाता है तो मसूद अजहर खुद-ब-खुद आतंकी घोषित हो जाएगा। साथ ही जैश-ए-मोहम्मद भी प्रतिबंधित आंतकी संगठनों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा। अगर चीन अपने होल्ड पर कायम रहता है तो कमिटी इस मसले पर विचार-विमर्श करने के लिए और वक्त लेगी। इस साल 5 नवंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल और चीन के रक्षा सलाहकर यांग जिएची के बीच हुई बैठक में चीन ने यह साफ कर दिया था कि व मसूद अजहर पर अपना फैसले बदलने वाला नहीं है। हालांकि विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया था कि दोनों देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते आतंकवाद को लेकर गंभीर हैं।