लिपुलेख के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा जारी, नाथू ला रास्ते पर रोक- चीन

बीजिंग (4 जुलाई): सिक्किम बॉर्डर पर जारी तनाव के बीच चीन ने साफ किया है कि उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रा के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा पर कोई रोक नहीं है और ये यात्रा लगातार जारी है। साथ ही चीन ने कहा कि सिक्किम के नाथू ला के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा को उसने रोक दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि नाथू ला के रास्ते पिछले दो साल से याक्षा सुचारु रुप से चल रहा था लेकिन भारतीय सैनिकों के अवैध प्रवेश और सुरक्षा के मद्देनजर हमने नाथू ला के रास्ते इस यात्रा को स्थगित कर दिया है। अब यह भारत पर निर्भर करता है कि वो सिक्किम बॉर्डर पर तनाव को किस तरह से कम कर इस यात्रा को फिर से शुरू कर सके। साथ ही उन्होंने कहा कि जहां तक तिब्बत में दूसरे दर्रे का सवाल है, भारतीय तीर्थयात्रियों का प्रवेश अब भी जारी है। दर्रा चीन-भारत सीमा के मध्य में स्थित है जहां कोई विवाद नहीं है और तीर्थयात्रा जारी है।

आपको बता दें तिब्बत में 15,160 फुट की उंचाई पर स्थित कैलाश और मानसरोवर की यात्रा करने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए चीन ने नाथू ला के रास्ते दूसरा मार्ग खोला था। नाथू ला रास्ते की तरह ही विदेश मंत्रालय 1981 से ही लिपुलेख दर्रा के रास्ते भी यह यात्रा आयोजित कर रहा है। चीन द्वारा नाथू ला रास्ते को बंद किए जाने से करीब 800 तीर्थयात्री प्रभावित हुए हैं। कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रा हिन्दुओं के साथ-साथ जैन और बौद्ध धर्म के लोगों के लिए भी धार्मिक महत्व रखती है।