सिक्किम में सड़क निर्माण को चीन ने ठहराया जायज, कहा- भारत को हस्तक्षेप का अधिकार नहीं

नई दिल्ली ( 28 जून ): चीन ने सिक्किम सेक्टर में सड़क निर्माण को 'वैध' करार दिया है। चीन ने कहा कि यह निर्माण चीन के उस इलाके में किया जा रहा है जो न तो भारत का है और न ही भूटान का और न किसी अन्य देश को इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार है। चीन ने इशारा किया कि भारत भूटान की ओर से सिक्किम क्षेत्र के दोंगलांग में सड़क निर्माण के प्रयासों का विरोध कर रहा है जिसका चीन के साथ कोई राजनयिक संबंध नहीं है।


चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ल्यू कांग ने यहां मीडिया से कहा, 'दोंगलांग चीनी क्षेत्र में आता है। यह अविवादित है। दोंगलांग क्षेत्र प्राचीन काल से चीन का हिस्सा है भूटान का नहीं।' एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, 'भारत इस क्षेत्र के साथ मुद्दा उठाना चाहता है। मेरा कहना है कि यह भूटान का हिस्सा नहीं है और न ही यह भारत का हिस्सा है। तो हमारे पास इसके लिए पूरा कानूनी आधार है। चीन की सड़क निर्माण परियोजना वैध है और उसके क्षेत्र के भीतर यह सामान गतिविधि है। किसी भी देश को इसमें हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है।'


भारत पर निशाना साधते हुए ल्यू ने कहा कि भूटान वैश्विक मान्यता प्राप्त संप्रभु देश है। उन्होंने कहा, 'उम्मीद है कि अन्य देश दूसरे देश की संप्रभुता को सम्मान देंगे। चीन-भूटान सीमा निरूपित नहीं है, किसी भी तीसरे पक्ष को इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए और न ही कोई गैरजिम्मेदाराना कार्य करना चाहिए और न ही बयानबाजी।'


इससे पहले चीन ने सिक्किम में सड़क निर्माण को जायज ठहराते हुए कहा था कि 1890 में हुई चीन ब्रिटेन संधि के अनुसार 'निसंदेह' वह क्षेत्र उसकी सीमा में आता है। ल्यू कांग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था, ''सिक्किम का प्राचीन नाम 'झी' था.'' उन्होंने कहा, 'भारतीय सेना ने जिस क्षेत्र पर आपत्ति उठाई है वह इस संधि के मुताबिक निसंदेह चीन की सीमा की ओर स्थित है.'


चीन की ओर से यह बयान भारतीय सेना द्वारा सड़क निर्माण पर रोक लगाए जाने के चीनी सेना के आरोपों के एक दिन बाद आया है।