डोनाल्ड ट्रंप ने चीन, रूस और इस्लाम को बताया सबसे बड़ा दुश्मन, भारत को बताया दोस्त

नई दिल्ली ( 19 दिसंबर ): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को नई सुरक्षा नीति का ऐलान किया। डोनाल्ड ट्रंप ने उनके देश के आर्थिक प्रभुत्व के लिए चीन, रूस और इस्लाम को मुख्य खतरा बताया गया है। जबकि उन्होंने वैश्विक शक्ति के तौर पर उभरते भारत को समर्थन देने का वादा किया गया। 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने ''अमेरिका फस्ट'' के सिद्धांत पर आधारित भाषण में ट्रंप ने पिछली सरकार की विदेश नीति की 'असफलताएं' गिनाई। ट्रंप ने पाकिस्तान की आलोचना की कि वो इस्लामी दहशतगर्दी को रोकने के लिए पूरी कोशिश नहीं कर रहा है। साथ ही उन्होंने परमाणु कार्यक्रम के लिए उत्तर कोरिया पर भी निशाना साधा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह चुनौतियों का एक नया दौर है। उन्होंने दुनिया के ताकतवर देशों के प्रति पिछली अमेरिकी सरकारों के रवैये पर भी नाखुशी जताई। ट्रंप के मुताबिक रूस और चीन ''चुनौती देने वाली ताकत'' हैं लेकिन अमरीका को उनके साथ अच्छी साझेदारी बनाने की कोशिश करनी होगी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी रणनीति दस्तावेज में कहा गया, ”हम एक प्रमुख वैश्विक शक्ति, मजबूत रणनीतिक और रक्षा सहयोगी के रूप में उभरते भारत का स्वागत करते हैं”। नरेंद्र मोदी सरकार का मकसद भारत को ‘संतुलित शक्ति’ की जगह ‘प्रमुख शक्ति’ बनाने का रहा है। अमेरिकी सरकार ने कहा, ”हम जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत के साथ चतुर्भुज सहयोग बढ़ाने की कोशिश करेंगे।

साथ ही भारत के साथ रक्षा और सुरक्षा सहयोग का विस्तार भी किया जाएगा। ट्रंप के प्लान में एक ओर जहां भारत को दक्षिण एवं मध्य एशिया व इंडो पैसिफिक में अहम साझेदार चुना गया है। वहीं चीन को दोनों ही विभागों में खतरा बताया गया है। इस दस्तावेज में कहा गया कि अमेरिका ”दक्षिण एशियाई देशों को अपनी संप्रभुता बनाए रखने में मदद करेगा, क्योंकि चीन इस क्षेत्र में इसके प्रभाव को बढ़ा रहा है”।