भारत की अंतरिक्ष में उपलब्धि का दुनिया ने माना लोहा, तो बौखलाया चीन, जानिए...

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (16 फरवरी): ISRO ने अंतरिक्ष में लगाई है अब तक की सबसे बड़ी छलांग। एक साथ एक बार में 104 सैटेलाइट लॉन्च कर बनाया विश्व रिकॉर्ड। इसरो की इस शानदार उपलब्धि की पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है तो दूसरी तरफ हमारा पड़ोसी चीन इसरो की इस उपलब्धि से चीढ़ गया है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में भारत के विश्व रिकॉर्ड पर तंज कसा है। ग्लोबल टाइम्स ने लेख में लिखा है कि स्पेस के क्षेत्र में कामयाबी सिर्फ नंबर के आधार पर नहीं होती है, भारत की कामयाबी एक लिमिटेड कामयाबी है। भारत अभी भी अंतरिक्ष के क्षेत्र में अमेरिका और चीन से काफी पीछे है। भारत ने आजतक स्पेस स्टेशन के लिए कोई भी प्लान नहीं बनाया है और वर्तमान समय में भारत का कोई भी एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष में नहीं हैं जबकि चीन के दो एस्ट्रोनॉट पिछले साल 30 दिन अंतरिक्ष में बिता चुके हैं।

ग्लोबल टाइम्स के लेख में क्या लिखा है...

    * 104 सैटेलाइट्स एक साथ लॉन्च करना भारत के लिए अचीवमेंट तो है।

    * लेकिन भारत की अतंरिक्ष में कामयाबी एक लिमिटेड कामयाबी है।

    * कामयाबी सिर्फ नंबर से नहीं होती और भारत ये जानता है।

    * स्पेस के क्षेत्र में भारत, अमेरिका और चीन से काफी पीछे है।

    * वर्तमान समय में भारत का कोई भी एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष में नहीं हैं।

    * जबकि चीन के दो एस्ट्रोनॉट पिछले साल 30 दिन अंतरिक्ष में बिता चुके हैं।

अंतरिक्ष में चीन से कितना आगे भारत...

    * भारत ने अक्टूबर 2008 में चंद्रमा पर मिशन Chandrayaan-1 भेजा था।

    * 14 नवंबर 2008 को Moon Impact Probe चंद्रमा की धरती से टकराया।

    * चीन ने भारत से एक वर्ष पहले चंद्रमा पर मिशन Chang'e 1 भेजा।

    * लेकिन यह मिशन 1 मार्च 2009 को चंद्रमा की धरती से टकराया।

    * भारत के मिशन की लागत जहां US$57mn यानी 830 करोड़ रुपए रही।

    * तो वहीं चीन के मिशन की लागत US$187mn यानी 1250 करोड़ रुपए रही।

    * 2013 में भारत ने मंगल पर मानवरहित रॉकेट भेजा था।

    * भारत मानवरहित रॉकेट भेजने वाला पहला एशियाई देश बन गया।

    * जबकि चीन अभी चंद्रमा से आगे ही नहीं बढ़ पाया है।

    * चीन का स्पेस बजट 6.1 बिलियन डॉलर तो भारत का महज 1.2 अरब था।

    * लेकिन बावजूद भारत से सैटेलाइट भेजने में कंपनियों का ज्यादा भरोसा है।

स्पेस लॉन्च मार्केट में छा गया भारत...

    * सैटेलाइट प्रषेपण में भारत यूएस, चीन और यूरोप की तुलना में 66 गुना सस्ता है।

    * पिछले 10 सालों में ISRO में 38 फीसदी सैटेलाइट अपने लॉन्च किए, बाकि विदेश थे।

    * 1975 से अब तक 84 लॉन्च में 146 सैटेलाइट सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किए हैं।

    * इसमें से 79 विदेश सैटेलाइट थे, 24% यूएस, 15% कनाडा, 11% सिंगापुर और जर्मनी के थे।

    * विदेशी सैटेलाइट्स लॉन्च करने में ISRO स्पेशियालिटी हासिल कर चुका है।

    * 2016 में ISRO ने एक साथ 20 सैटेलाइट लांच किए थे, 2016 में कुल 50 लॉन्च किए थे।

    * साथ ही दोबारा प्रयोग में आने वाले प्रक्षेपण यान RLV और स्क्रैमजेट इंजन का सफल प्रयोग किया।

    * स्वदेश निर्मित GSLV श्रृंखला के 2 से 2.5 टन क्षमता वाले रॉकेट वैश्विक बाजार को पेश किया।

    * इसके अलावा PSLV में खुद विकसित किए मल्टीपल बर्न तकनीक का वाणिज्यिक इस्तेमाल किया।

    * ISRO की कमर्शियल इकाई, एंट्रिक्स कॉरपोरेशन को लगातार फायदा हो रहा है।

    * कुल 500 करोड़ रुपये के ऑर्डर हासिल किए जबकि इतने पर ही बातचीत जारी है।

    * 2015 के आंकड़ों के मुताबिक ISRO ने पिछले पांच सालों में 896 करोड़ की कमाई की थी।

    * 2010-11 में मुनाफा 138 करोड़ था जो 2014-15 में बढ़कर 205 करोड़ हो गया।

अंतरिक्ष में भारत की शानदार उपलब्धियां...

    * 26 सितम्बर 2016: PSLV का सबसे लंबा मिशन सफलतापूर्वक आठ सैटेलाइट स्थापित।

    * 9 सितम्बर 2016: जीएसएलवी ने पहला उपग्रह इनसैट-3डीआर सफलतापूर्वक किया स्‍थापित।

    * 22 जून 2016: PSLV ने एक साथ 20 सैटेलाइट को किया कक्षा में स्थापित।

    * 28 अप्रैल 2016: नेविगेशन सैटेलाइट आईआरएनएसएस- 1जी सफलतापूर्वक लॉन्च।

    * 10 मार्च 2016: पीएसएलवी सी32 इसरो के छठे नेवीगेशन सैटेलाइट का श्रीहरिकोटा से सफल प्रक्षेपण।

    * 20 जनवरी 2016: पीएसएलवी सी31 5वें नेविगेशन सैटेलाइट का लॉन्च सफल।

    * 16 दिसम्बर 2015: सिंगापुर के छह उपग्रहों के साथ भारत के पीएसएलवी-सी 29 रॉकेट का सफल प्रक्षेपण।

    * 28 सितम्बर 2015: पीएसएलवी सी-30 एस्ट्रोसैट सैटेलाइट लॉन्च हुआ।

    * 11 जुलाई 2015: पीएसएलवी-सी28 सबसे वजनी व्यावसायिक स्पेस मिशन, पांच ब्रिटिश सैटेलाइट कक्षा में स्थापित।

    * 18 दिसम्बर 2014: जीएसएलवी मार्क 3 और इंसान को अंतरिक्ष में ले जाने वाले यान का सफल परीक्षण।

    * 30 जून 2014: पीएसएलवी-सी 23 रॉकेट से पांच उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण।

    * 5 जनवरी 2014: श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ सबसे बड़ा रॉकेट जीएसएलवी-डी5।

    * 9 सितंबर, 2012: पीएसएलवी-सी21 ने स्पॉट-6 एवं प्रोइटेरस का प्रक्षेपण किया।

    * 26 अप्रैल, 2012: पीएसएलवी-सी19 ने रिसैट-1 का प्रक्षेपण किया।

    * 12 अक्टूबर, 2011: पीएसएलवी-सी18 ने मेघा-ट्रॉपिक्स, जुगुनू, एसआरएमसैट और वेसेलसैट-1 का प्रक्षेपण किया।

    * 15 जुलाई, 2011: पीएसएलवी-सी17 ने जीसैट-12 का प्रक्षेपण किया।

    * 20 अप्रैल, 2011: पीएसएलवी-सी16 ने रिसोर्ससैट-2, यूथसैट तथा एक्स-सैट का प्रक्षेपण किया।

    * 12 जुलाई, 2010: पीएसएलवी-सी15 ने कार्टोसैट-2बी, एलसैट-2ए, एनएलएस 6.1 तथा 6.2 और स्टुडसैट प्रक्षेपितत किए।

    * 23 सितंबर, 2009: पीएसएलवी-सी14 ने ओशनसैट-2 और छह नानो उपग्रह प्रक्षेपित किए।

    * 20 अप्रैल, 2009: पीएसएलवी-सी12 ने रिसैट-2 और अनुसैट प्रक्षेपित किए।

    * 22 अक्टूबर, 2008: पीएसएलवी-सी11 ने चंद्रायन-1 प्रक्षेपित किया।

    * 28 अप्रैल, 2008: पीएसएलवी-सी9 ने कार्टोसैट-2ए, आईएमएस-1 तथा आठ नानो-उपग्रह प्रक्षेपित किये।

    * 23 जनवरी, 2008: पीएसएलवी-सी10 ने टेकसार प्रक्षेपित किया।

    * 23 अप्रैल, 2007: पीएसएलवी-सी8 ने एजाइल प्रक्षेपितत किया।

    * 10 जनवरी, 2007: पीएसएलवी-सी7 ने कार्टोसैट-2, एसआरई-1, लापान-टबसैट और पिहुएनसैट-1 प्रक्षेपित किए।

    * 5 मई, 2005: पीएसएलवी-सी6 ने कार्टोसैट-1 तथा हैमसैट प्रक्षेपित किए।

    * 17 अक्तूबर, 2003: पीएसएलवी-सी5 ने रिसोर्ससैट-1 (आईआरएस-पी6) प्रक्षेपित किया।

    * 12 सितंबर, 2002: पीएसएलवी-सी4 ने कल्पना-1 (मेटसैट) प्रक्षेपित किया।

    * 22 अक्टूबर, 2001: पीएसएलवी-सी3 ने टीईएस प्रक्षेपित किया।

    * 26 मई, 1999: पीएसएलवी-सी2 ने ओशनसैट (आईआरएस-पी4), किटसैट-3 और डीएलआर-टबसैट को प्रक्षेपित किया।

    * 29 सितंबर, 1997: पीएसएलवी-सी1 ने आईआरएस-1डी प्रक्षेपित किया।

    * 21 मार्च, 1996: पीएसएलवी-डी3 ने आईआरएस-पी3 प्रक्षेपित किया।

    * 15 अक्तूबर, 1994: पीएसएलवी-डी2 ने आईआरएस-पी2 प्रक्षेपित किया।

    * 20 सितंबर, 1993: पीएसएलवी-डी1 ने आईआरएस-1ई प्रक्षेपित किया, लेकिन यह प्रक्षेपण सफल नहीं हो पाया।