चीन की आने वाली है शामत, पूरी दुनिया भारत के साथ

नई दिल्ली (21 जुलाई): विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के मुंहतोड़ जवाब से चालबाज चीन बौखला गया है। चीन ने एकबार फिर भारत को गिदड़ भभकी दी है। चीन की सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि अगर भारत डोकलाम से अपनी सेना नहीं हटाता है तो उसे उसकी सेना वहां से हटाने में सक्षम है। साथ ही चीनी अखबार ने लिखा है कि अगर चीन और भारत के बीच युद्ध होगा तो अमेरिका और जापान उसकी मदद करने नहीं आएगा। दरअसल चीन भारत, अमेरिका और जापान के बीच बढ़ती दोस्ती से भी परेशान है।


चीन बार बार भारत को 1962 के युद्ध की धमकी देता है। लेकिन चालबाज चीन 1967 और 1987 के युद्ध को भूल जाता है। 1962 की तरह 1967 और 1987 में भी भारत के हालात बहुत अच्छे नहीं थे। लेकिन भारतीय सेना ने ड्रैगन को उसकी हिमाकत का जो जवाब दिया था शायद वो उसे अबतक नहीं भूल सका होगा। लेकिन अगर वो 1967 और 1987 के जख्म को भूलने की गलती करता है तो उसे इसबार उससे भी गहरा जख्म मिलेगा।

भारतीय विदेश मंत्री के कल संसद में दिए गए जवाब से चीन इस कदर बैखला गया है कि उसने सुषमा स्वराज के बयान को झूठा बताया है। चीनी अखबार का कहना है कि भारत ने उस इलाके में घुसपैठ किया है और भारत के रवैये से पूरी दुनिया हैरान है और उसे किसी देश का समर्थन नहीं मिल रहा है। लेकिन चीन ये सफेद झूठ बोलने से पहले भूल जाता है कि उसकी चालबाजी से पूरी दुनिया बाकिफ है और तमाम देश डोकलाम ही नहीं हिंद महासगर समेत तमाम इलाकों में उसकी हड़प की नीति और दादागिरी से पूरी दुनिया बाकिफ है।

इतना ही नहीं आज पाकिस्तान को छोड़कर उसका कोई ऐसा पड़ोसी नहीं है जो उससे परेशान नहीं है। और तमाम ये पड़ोसी देश उसे सबक सिखाने के लिए धीरे-धीरे एक जुट हो रहा है। ऐसे में संभव है कि चीन को भारत से पंगा महंगा पड़ सकता है। जानकारों के मुताबिक दरअसल चीन भारत को अपनी गिदड़ भभकी में फसाना चाहता है और भारत के पीछे हटने पर इसे दुनिया के अन्य देश पर रौब दिखाने के लिए इस्तेमाल करना चाहता है। लेकिन नई दिल्ली की रूख ने चीन की इस चालबाजी पर पूरी तरह से पानी फेर दिया है। अब डोकलाम के मुद्दे पर चीन को ना तो उगलते बन रहा है और ना ही निगलते।