मसूद अजहर को लेकर भारत-चीन में बढ़ सकती है टेंशन

नई दिल्ली (1 अक्टूबर): जैश-ए-मोहम्मद के सरगना और आतंकी मसूद अजहर पर चीन द्वारा यूएन में वीटो का विस्तार करने पर भारत से उसकी टेंशन बढ़ सकती है। भारत अभी तक हर हाल में चीन के साथ शांति से मामला निपटाना चाह रहा था, लेकिन उसने यह हरकत करके अपना रंग दिखा दिया है।

साउथ चाइना सी पर चीन ने भारत से समर्थन मांगा था और यूएन में विरोध नहीं करने की बात कही थी। भारत भी यूएन में इस मुद्दे पर चुप रहा, लेकिन अब जिस तरह से चीन ने अपना रंग दिखाया है उसके बाद पीएम मोदी सोचने पर मजबूर होंगे कि अब ड्रैगन का किस तरह से शिकार किया जाए।

क्या था मसला... - भारत ने इस साल 31 मार्च को मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति के अंतर्गत प्रतिबंध लगवाने की कोशिश की थी। - लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वीटो अधिकार प्राप्त स्थाई सदस्य चीन ने बाधित कर दिया था। - 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में चीन ही एकमात्र ऐसा देश था, जिसने भारत के आवेदन पर अड़ंगा लगाया था। - सभी 14 अन्य सदस्यों ने अजहर का नाम 1267 प्रतिबंध सूची में डालने के लिए भारत के प्रयास का समर्थन किया था।

इससे क्या होता फायदा... - अजहर का नाम इस प्रतिबंध सूची में आ जाने पर उसकी संपत्तियों को जब्त किया जा सकेगा। - उस पर यात्रा प्रतिबंध लग जाएगा, जिस कारण वह दूसरे देशों में नहीं जा सकेगा।