मोदी-ट्रंप की दोस्ती से चिढ़ा चीन, कहा- भारत को इस्तेमाल कर रहा अमेरिका

नई दिल्ली(27 जून): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई व्हाइट हाउस में मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर थी। दोनों ही नेताओं ने आतंकवाद पर साथ लड़ने की बात कही। मोदी के अमेरिकी दौरे से चीन को चिढा हुआ है।

- चीन की ओर से कहा गया है कि अमेरिका भारत को चीन के खिलाफ एक टूल की तरह इस्तेमाल कर रहा है, अमेरिका ने कभी भी सुरक्षा परिषद में भारत की जगह के लिए कोई ठोस दावेदारी नहीं की है।

- चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपे एक लेख में कहा गया है कि अमेरिका की ओर से एक नोट में कहा गया था कि भारत अमेरिका का एक सच्चा दोस्त है, जिससे यह साफ था कि अमेरिका बीजिंग पर निशाना साधने के लिए नई दिल्ली का इस्तेमाल करेगा।

- अखबार में लिखा है कि भारत भले ही इस पर थोड़ा गर्व महसूस कर सकता है कि वह अमेरिका का अहम साथी बन रहा है, लेकिन यह अमेरिका की ओर से एक ट्रैप है। जिसमें भारत का इस्तेमाल किया जा रहा है।

- चीन ने कहा कि आखिर अभी तक जमीन पर क्या हुआ है, बराक ओबामा ने अपने कार्यकाल में भारत को सुरक्षा परिषद में सीट दिलवाने का वादा किया था, लेकिन क्या इस वादे पर कुछ प्रैक्टिकल हुआ, नहीं। पर क्या इस दौरे के बाद ट्रंप भारत को सीट दिलवाएंगे, यह भी एक सवाल है।

- लेख में कहा गया है कि सवाल यह उठता है कि क्या ट्रंप पाकिस्तान पर आतंकी संगठनों को लेकर दबाव बनाएंगे, जिनके कारण उसपर आरोप लगता है। अगर इसका जवाब देखें, तो यह नेगेटिव में दिखता है।

- लेख में लिखा है कि चीन के उदय के कारण भारत और अमेरिका इतने करीब आ रहे हैं। लेकिन भारत चीन का उतना अच्छा दोस्त नहीं है, जितने कि ऑस्ट्रेलिया और जापान है। यूएस सिर्फ चीन के कारण ही भारत के करीब आ रहा है।