डोकलाम पर भारतीय राजदूत ने चीन को दिया जवाब, 'यथास्थिति में न हो बदलाव'


नई दिल्ली ( 27 जनवरी ):
चीन की डोकलाम को लेकर विवाद एक बार फिर गरमाने लगा है। चीनी सेना के भारत को सबक लेने की नसीहत के बाद अब भारत के राजदूत गौतम बम्बावले ने कहा है कि इस मामले को बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील बिंदुओं पर यथास्थिति में बदलाव नहीं होना चाहिए।

हाल ही में भारत के सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने डोकलाम को विवादित क्षेत्र कहा तो चीन यह मानने को तैयार नहीं हुआ। अब चीन में भारत के राजदूत गौतम बंबावाले ने कहा है कि डोकलाम में सैन्य गतिरोध से भारत और चीन के संबंधों में रुकावट कुछ समय के लिए थी। उन्होंने आगे कहा कि 'लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों में यथास्थिति बनाए रखना दोनों देशों के लिए आवश्यक है।

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में बंबावाले ने द्विपक्षीय संबंधों के कई पहलुओं पर स्पष्ट राय रखी। उन्हें हाल ही में चीन में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि पेइचिंग को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) से जुड़ी भारत की चिंताओं को लेकर संवेदनशील होने की जरूरत है। दरअसल, यह गलियारा पीओके से होकर गुजरता है और भारत ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। 

भारतीय राजदूत ने कहा कि पोस्ट-डोकलाम, भारत और चीन को और बातचीत करना चाहिए और एक दूसरे के प्रति स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। अखबार से राजदूत ने कहा, 'मैं डोकलाम गतिरोध को दीर्घकालिक परिदृश्य में देखता हूं। जब आप ऐसा करते हैं तो एक लंबे इतिहास में डोकलाम गतिरोध महज एक इवेंट है।' 

उन्होंने आगे कहा कि भारत और चीन की जनता और हमारे नेता काफी अनुभवी और बुद्धिमान हैं। वे हमारे संबंधों में ऐसे क्षणिक गतिरोधों को कम करने में सक्षम हैं।