तिलमिलाए चीन ने कहा, भारत ने 'दोस्त' पाक को अकेला कर दिया

नई दिल्ली ( 19 अक्टूबर ): चीन की सरकारी मीडिया ने आरोप लगाते हुए कहा, भारत ने गोवा में आयोजित ब्रिक्स-ब्रिम्सटेक सम्मेलन के मंच का इस्तेमाल पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए किया। इस बारे में चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में एक लेख प्रकाशित हुआ है। लेख में गया है कि भारत ने इस सम्मेलन में पाकिस्तान को क्षेत्रीय तौर पर अकेला देश बनाकर उसे दरकिनार कर दिया है।

भारत की रणनीति सफलता का जिक्र करते हुए कहा गया है कि भारत ने ब्रिक्स के मंच का इस्तेमाल कर खुद को एक पाक साफ देश के तौर पर सबके सामने पेश किया और साथ ही NSG और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए अपनी दावेदारी को मजबूत किया। NSG और सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का चीन लगातार विरोध कर रहा है। हालांकि अमेरिका ने इस बारे में आश्वासन देते हुए कहा है कि इस साल के अंत तक भारत के NSG में शामिल होने की कोशिशों को कामयाबी मिल सकती है।

मालूम हो कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में दिए गए अपने भाषण में आतंकवाद का मुद्दा उठाते हुए पाकिस्तान को सीधे-सीधे निशाने पर लिया था और उसे 'आतंकवाद की जन्मभूमि' बताया था। ब्रिक्स सम्मेलन के साझा घोषणापत्र में आतंकवाद के मुद्दे पर सदस्य राष्ट्रों ने एकजुटता तो जताई, लेकिन चीन के विरोध के कारण पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं किया जा सका। इस सम्मेलन में भारत ने कई बार आतंकवाद का मसला उठाया और द्विपक्षीय वार्ता के स्तर भी भारत की ओर से यह मुद्दा बार-बार उठाया गया।

उरी हमले के बाद से भारत लगातार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसे अकेला करने की कूटनीतिक कोशिश कर रहा है। अब चीन के सरकारी अखबार द्वारा ब्रिक्स मंच पर की गई भारत की इन कोशिशों को सफल बताना काफी अहमियत रखता है।

इस लेख में कहा गया है, भारत-पाकिस्तान के बीच की असहज स्थितियों के मद्देनजर भारत द्वारा इस सम्मेलन में बिम्सटेक को जोड़ने के पीछे काफी अहम रणनीतिक मकसद है। इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत द्वारा पाकिस्तान के अलावा बाकी सभी क्षेत्रीय देशों को बुलाने पर इस लेख में कहा गया है, ऐसा करके भारत ने दरअसल पाकिस्तान को क्षेत्रीय रूप से अलग छोड़ दिया।'

उरी हमले के बाद भारत ने इस्लामाबाद में आयोजित होने वाले सार्क सम्मेलन में ना शामिल होने का फैसला किया था। इसके बाद नेपाल, बांग्लादेश और भूटान भी सम्मेलन में शामिल नहीं हुए। इस कारण यह सम्मेलन ही रद्द करना पड़ा। इसका जिक्र करते हुए अखबार ने लिखा, सार्क सम्मेलन के रद्द हो जाने के बाद ब्रिक्स और बिम्सटेक सम्मेलन में सदस्य राष्ट्र पाकिस्तान की गैरमौजूदगी में गोवा में जमा होने जा रहे थे। ऐसे में भारत को ऐसा मंच मिला, जहां वह इस्लामाबाद का क्षेत्रीय प्रभाव रोकने की कोशिश कर सकता था। गोवा शिखर सम्मेलन के दौरान बिम्सटेक के द्वारा भारत अपने पक्ष में अहम बदलाव लाने में कामयाब हुआ।