आतंकी पाकिस्तान से डरा चालबाज चीन, पाक से लगी सीमा को करेगा सील

नई दिल्ली (11 जनवरी): चालबाज चीन का दोहरा चेहरा एकबार फिर पूरी दुनिया के सामने आ गया है। भारत को परेशान करने के लिए भले ही चीन दुनिया के सबसे बड़े आतंकियों में से एक मसूद अजहर और उसके आका पाकिस्तान का संयुक्त राष्ट्र में बचाव कर रहा हो। लेकिन चतुर चीन को भी अब पाकिस्तान में बैठे मसूद अजहर जैसे आतंकियों का डर सताने लगा है।

इसी के मद्देनजर चीन अब पाकिस्तान से जुड़ी अपनी सीमा पर सुरक्षा और बढ़ाने जा रहा है। चीन को पाकिस्तान में बढ़ रहे आतंकी संगठनों का डर सता रहा है और इसलिए वो पाकिस्तानी से सटी अपनी सीमा पर सुरक्षा को और कड़ी करेगा। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में आतंकियों की बढ़ती गतिविधियों से चीन ज्यादा खुश नहीं है। चीन को डर सता रहा है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान में आतंकियों को मिल रही ट्रेनिंग उसके लिए भी खतरा है। इससे साफ है कि अपनी दोस्ती को बेहद मजबूत बताने वाले चीन और पाकिस्तान की दोस्ती उतनी भी गहरी नहीं है।

चीन को खतरा है कि जिस तरह से पाकिस्तान में आतंकियों की पनाहगाह है और वहां आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती है, उसे देखते हुए चीन खुद को सुरक्षित रखना चाहता है। चीन बेशक चाइना-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर जरूर बना रहा हो, पाकिस्तान को अन्य मुद्दों पर समर्थन जरूर दे रहा हो, लेकिन वो नहीं चाहता कि आतंकवाद की ये बीमारी उस तक पहुंचे।

चीन को चिंता है कि अवैध प्रवासी पाकिस्तान में आतंकवाद की ट्रेनिंग लेकर चीन को निशाना बनाए। इसी बात को लेकर चीन में बॉर्डर को सील करने की मांग उठी है। यह मांग खासतौर पर शिनजियांग प्रॉविंस में या कासगर प्रांत में उठी है जिसकी अधिकतर सीमा पाकिस्तान से लगती है।