कंगाल होने की कगार पर चीन, बंद होगा OBOR प्रोजेक्ट!

नई दिल्ली (30 मई): कर्ज बढ़ने, बैंकिंग सिस्टम में कमियों, पोंजी स्कीमों और घाटे वाली कंपनियों की संख्या बढ़ने के बाद चीन के वन बेल्ट वन रोड (OBOR) प्रोजेक्ट में रुकावट आ सकती है। चीन को देश के भीतर ही कई तरह की समस्याओं का सामना करने के कारण इसकी फंडिंग में दिक्कत हो सकती है।

एक रिपोर्ट में कहा है कि रेटिंग एजेंसी मूडीज के चीन की सॉवरेन डेट रेटिंग डाउनग्रेड करने के फैसले से OBOR प्रोजेक्ट को रोका जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि OBOR का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि मूडीज की ओर से जताई गई आशंका से निपटने के लिए चीन क्या करता है। इसके साथ ही चीन को उन कमजोर देशों के साथ समझौते के बारे में सोचना होगा जिनमें OBOR के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट बनाए जाने हैं।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन अपने देश में बढ़ती बेरोजगारी दर से लेकर बैंकिंग सेक्टर से जुड़े बहुत से आंकड़ों में गड़बड़ी कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में शैडो बैंकिंग और पोंजी स्कीम आम हैं और इससे उसकी इकॉनमी को नुकसान हो सकता है। शैडो बैंकिंग का मतलब नियमित बैंकिंग सिस्टम से बाहर दिए जाने वाले कर्ज से होता है। चीन में कारोबारियों सहित बहुत से लोग आसानी के लोन लेने के लिए इस जरिए का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इसके अलावा चीन में पोंजी स्कीमों की भी कोई कमी नहीं है। पिछले वर्ष एक ऑनलाइन फाइनेंस कंपनी की ओर से चलाई जा रही एक बड़ी पोंजी स्कीम में छोटे निवेशकों ने 6.7 अरब डॉलर से अधिक की रकम गंवाई थी। इसके अलावा चीन में बिना बीमा वाले वेल्थ मैनेजमेंट इंस्ट्रूमेंट्स और घाटे में चल रही कंपनियों की भी बड़ी संख्या है। इन समस्याओं के कारण चीन का OBOR प्रोजेक्ट पटरी से उतर सकता है।