जिनपिंग के विचारों को अपनाने के लिए छात्रों का 'ब्रेनवॉश' कर रही चीनी सरकार

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 जून): राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विचारों को चीनी विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रमों में मुख्य रूप से शामिल किया जा रहा है। इंटरैक्टिव ऑनलाइन कोर्स, उदार फंडिंग और नए शोध संस्थानों से लैस ये विश्वविद्यालय देश और विश्व में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विचार को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहे हैं। दरअसल, देश भर में पिछले अक्टूबर से कई विश्वविद्यालय ने 'शी थॉट' यानी 'शी के विचार' को अपने पाठ्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल किया है। माओ युग की समाप्ति के बाद पहली बार किसी नेता को अकादमिक रूप से इतना महत्व दिया जा रहा है।इस साल चीन की रबर स्टांप संसद ने ऐतिहासिक संविधान संशोधन को मंजूरी दी थी। इससे शी जिनपिंग के 2 बार के कार्यकाल की अनिवार्यता खत्म कर उनके आजीवन सत्ता में बने रहने का रास्ता साफ हो गया।पिछले साल अक्टूबर से अबतक विश्वविद्यालयों, सरकार और मंत्रालयों में कम से कम 30 'शी थॉट' रिसर्च इंस्टिट्यूट की स्थापना हो चुकी है। इसके अलावा स्टूडेंट्स, अधिकारियों और आम लोगों के लिए पूरे देशभर में लेक्चर कोर्स भी आयोजित किए जा रहे हैं।प्रतिष्ठित सिंघुआ विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रफेसर . और चीनी विशिष्टवाद के विशेषज्ञ हु अनगैंग कहते हैं कि एक नेता के उभार की चीन को लंबे समय से जरूरत थी। हु दशकों से यह दलील देते रहे हैं कि चीनी की अनोखी राजनीतिक व्यवस्था अंततः देश को अमेरिका के बराबर सुपर पावर बनने के लिए गाइड करेगी। हु उन विचारकों में शामिल हैं जो उस विषय का अध्ययन कर रहे हैं जिसे आधिकारिक रूप 'शी चिनफिंग थॉट फॉर सोशलिज्म विद चाइनीज कैरेक्टरिस्टिक्स फॉर ए न्यू ईरा' के रूप में जाना जाता है।