दोस्ती की आड़ मेंं चीन ने पाकिस्तान के साथ किया ऐसा कारनामा, अब सिर पीट रही है ISI

नई दिल्ली (6 जुलाई): चीन ने जब पाकिस्तान के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाया तो पाकिस्तानी सरकार, सैना और खुफिया एजेंसी आईएसआई को लगा कि उन्हें अमेरिका का विकल्प और भारत के खिलाफ मजबूत दुश्मन मिल गया है। लेकिन पाकिस्तान की  तीनों संस्थाओँ को पता नहीं था कि चीन भस्मासुर है। उसकी साम्राज्य विस्तार नीति किसी भी दिन पाकिस्तान को हज़म कर सकती है। चीन ने अपने रंग दिखाने शुरु कर दिये हैं। इससे आईएसआई के होश फाख्ता हो गये हैं। चीन ने अपने जासूसों की एक बड़ी टीम पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में तैनात कर दी है।

जासूसों पर किसी को शक न हो इसलिए सभी को बिजनैस वीज़ा पर पाकिस्तान भेजा गया। इन जासूसों ने पाकिस्तान के बैंक और सैन्य प्रतिष्ठानों में सेंधमारी शुरु कर दी है। सेंध लगाने का काम पाकिस्तानी बैंकों के मुख्य सर्वरों में किया गया है। इन में से कुछ बैंक ऐसे भी हैं जो या तो सैन्य प्रतिष्ठानों में स्थापित हैं या फिर सैन्य प्रतिष्ठानों का लेन-देन उन बैंकों के माध्यम से होता है। चीनी सेंधमारों ने पाकिस्तान के इन बैंकों से महत्वपूर्ण डाटा चोरी कर लिया है। बैंकों का महत्वपूर्ण डा़टा चोरी होने की जांच पाकिस्तान की फेडरल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने की।

पाकिस्तान को शक था कि इंडियन हैकर्स या जासूस इन हरकतों को कर रहे हैं। लेकिन उनके पैरों की जमीन तो तब खिसकी जब एक चीनी जासूस कराची से और एक रावलपिंडी से पकड़ा गया। सबसे खतरनाक बात तो ये कि दो-दो जासूस पकड़े जाने के बावजूद चीनी जासूस फिजिकली और वर्चुअली दोनों तरह से अब भी बैंकों और सैन्य प्रतिष्ठानों से डाटा चोरी कर रहे हैं। चीनी शिकंजे में कसी पाकिस्तान सरकार फेडरल इंवेस्टिगेशन एजेंसी को खुल कर काम करने या चीनी हैकरों के नाम पर शोर शराबा भी नहीं मचाने दे रही है।