चीन से सावधान, विदेश सचिव एस.जयशंकर भूटान में

नई दिल्ली(4 अक्टूबर): डोकलाम के पास चीन ने एक बार फिर अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है। चीन ने ये कदम तब उठाया है जब भारत के विदेश सचिव एस.जयशंकर भूटान में हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात के बाद हफ्तों से चला आ रहा डोकलाम गतिरोध खत्म हुआ था।

- ऐसी घटनाएं फिर ना हों, इसके लिए दोनों नेताओं ने बैठक में भरोसा बहाली के उपाय बढ़ाने का फैसला किया था। 

- डोकलाम भारत, चीन और भूटान की सीमाओं पर ट्राईजंक्शन पॉइंट है। 28 अगस्त को डोकलाम मामले में गतिरोध खत्म होने के बाद किसी टॉप भारतीय अधिकारी का यह पहला भूटान दौरा है। 

- विदेश सचिव जयशंकर के साथ कई अन्य अधिकारी भी वहां गए हैं।

- अब खबर आई है कि चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने ट्राईजंक्शन पॉइंट के करीब जवानों की तैनाती बढ़ाई है। 

- भारत और चीन के बीच 2012 में इस पर सहमति बनी थी कि भारत, चीन और अन्य देशों के साथ ट्राईजंक्शन सीमा विवाद को बातचीत से सुलझाया जाएगा। चीन और भूटान सीमा विवाद को निपटाने के लिए अगले दौर की हो रही बातचीत में चीन की तरफ से देरी करने को लेकर भी भूटान चिंतित है। भूटान और चीन ने अपने सीमा विवाद को निपटाने के लिए अगस्त 2016 में 24वें दौर की बातचीत की थी। हालांकि, 25वें दौर की बातचीत इस साल होनी है, लेकिन चीन ने इसके लिए कार्यक्रम और तारीख तय करने में अब तक दिलचस्पी नहीं दिखाई है। भूटान को डर है कि चीन बातचीत रद्द करके छोटी-छोटी घुसपैठ के जरिये उसकी जमीन पर कब्जे का सिलसिला जारी रखेगा।