अब आयी चीन को अक्ल कहा, आतंकवाद कैसा भी हो बख्शा नहीं जायेगा

नई दिल्ली (20 जून): जियांगसू के नर्सरी स्कूल पर हुए आतंकी हमले के बाद चीन को अक्ल आनी शुरु हो गयी है। शायद इसीलिए चीन ने पहली बार किसी अंतर्राष्ट्रीय पटल से किसी भी प्रकार के आतंकवाद की भर्त्सना की है। ब्रिक्स विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में चीन ने भारत के साथ आतंकवाद के सभी रूपों में निंदा की है।ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साउथ अफ्रीका) के विदेश मंत्री 18 और 19 जून को चीन के पेइचिंग में मिले। इसमें विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने कहा कि सभी ब्रिक्स देश इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए दुश्मन है और उन्होंने इसके विस्तार पर चिंता जताई है। 


भारत की ओर से उन्होंने ध्यान दिलाया गया कि आतंकवादियों में अच्छे और बुरे का फर्क नहीं किया जा सकता है। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा गया कि वह आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर गठबंधन तैयार करें। संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक संधि को जल्द मंजूर किए जाने पर भी जोर दिया गया। सिंह ने बताया कि संधि को ब्रिक्स को सभी देशों को समर्थन है।