चीन ने बनाया पांडा के आकार का विशाल सोलर प्लांट, 25 सालों में करेगा 3.2 अरब किलोवाट बिजली का उत्पादन

नई दिल्ली ( 8 जुलाई ): तकनीकी क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहे चीन ने पांडा जैसा दिखने वाला एक विशाल सोलर प्लांट बनाया है। 248 एकड़ के इस सोलर फार्म से 100 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होगा। अगले 25 सालों में ये सोलर फॉर्म करीब 3.2 अरब किलोवाट की ग्रीन इलेक्ट्रीसिटी का उत्पादन करेगा। इस प्लांट को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ऊपर से देखने पर यह एक विशाल पांडा जैसा नजर आता है। ऐसा लगता है कि दूर जमीन पर एक पांडा बैठा हुआ है और उसकी आंखें अलग-अलग दिशाओं में देख रही हैं।

सफेद और सलेटी रंग के इस पांडा जैसे दिखने वाले सोलर प्लांट में पतले फिल्म सोलर सेल्स भरे गए हैं। चीन के मर्चेंट्स न्यू एनर्जी ग्रुप के CEO अलान ली ने 2016 में आयोजित G20 एनर्जी मीटिंग में कहा था, 'इस सोलर पावर स्टेशन को पांडा जैसा आकार देने का मकसद किशोरों और युवाओं को सौर ऊर्जा के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करना है।' इस प्लांट के प्रथम चरण का काम 30 जून को पूरा हो गया। मीडिया खबरों के मुताबिक, प्लांट ने उत्तर-पश्चिमी चीन के एक ग्रिड को ऊर्जा की आपूर्ति करना शुरू कर दिया है। इसके दूसरे प्रॉजेक्ट का काम इसी साल शुरू होने की उम्मीद है।

कंपनी ने एक बयान जारी कर बताया, '100 मेगावॉट की क्षमता वाले पांडा पावर प्लांट से 25 साल के अंदर करीब 3 अरब 20 करोड़ किलोवॉट प्रति घंटे की ऊर्जा सप्लाइ की जा सकेगी। इससे 10 लाख टन से भी ज्यादा कोयले की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में लगभग 20 लाख 74 हजार टन की कमी आएगी।' इस परियोजना को संयुक्त राष्ट्र के डिवेलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) से भी मदद मिल रही है। चीन पिछले कुछ समय से पर्यावरण संरक्षण को लेकर काफी गंभीरता दिखा रहा है। आने वाले सालों में चीन के अंदर इस तरह के कई पांडा सोलर प्लांट बनाए जाने की भी योजना है।