चालबाज चीन पहले भी सड़कें बनाकर भूटान की जमीन पर कर चुका है कब्जा

नई दिल्ली (12 जुलाई): डोकलाम में भारत और चीन की सैना आमने-सामने है। तनाव है आलम ये है कि यहां भारत और चीन के तकरीबन 300-300 सेना तंबू लगाकर एक दूसरे के सामने डटे हैं। तकरीबन 10 हजार फुट की उंचाई पर स्थित डोकलाम भूटान का हिस्सा है, लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र पर चीन कब्जा करना चाहता है और इसी कड़ी में ड्रैगन पिछले दिनों वहां सड़क बना रहा था जिसका भारतीय सेना ने विरोध किया और ये तनाव पैदा हो गया।

ऐसा नहीं है कि चीन ने चालबाजी से भूटान की जमीन पर पहलीबार कब्जा करने की कोशिश किया हो। इससे पहले चीन कम से कम भूटान के चार इलाकों में सड़क बनाकर उसके जमीन पर कब्जा कर चुका है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर डोकलाम मुद्दे का निपटारा हो भी जाता है, तो क्या भूटान समेत अन्य देशों की जमीन पर चीन कब्जा करना छोड़ देगा।


जानकारों के मुताबिक हर बार चीन अपने तरीके से इतिहास को पेश करते हुए भूटान के कई इलाके को अपना हिस्सा बताते हुए दावा जताने लगता है। पहले चीन भूटान की सीमा में सड़क निर्माण का काम शुरू करता है। कंस्ट्रक्शन के जरिए जमीन पर स्थिति को ही बदल देता है  और फिर उस इलाके पर अपना दावा पेश करने लगता है। भूटान की संसद की कार्यवाही पर नजर डालेंगे तो ऐसे कई उद्धरण मिल जाएंगे, जिनमें चीनी सैनिकों की ओर से भूटान के इलाके में अतिक्रमण का जिक्र है।