चीन को उसी की भाषा में जवाब देगी भारतीय सेना, सी ला दर्रे पर होगा अनोखा कारनामा

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (9 फरवरी): डोकलाम में चीनियों की चालतबाजी के बाद भारत ने अरुणाचल में ऐसा काम किया है कि चीन की पीपुल्स आर्मी, भारतीय सीमा और सेना की तरफ गलत निगाहों से देखना छोड़ देगी। ... और अगर भूले से भी चीन ने भारतीय सीमा या सेना की तरफ देखा भी तो पलक झपकते ही ऐसा जवाब मिलेगा कि ड्रैगन सात जन्म तक भुला नहीं पायेगा। जी हां...  तवांग से अरुणाचल प्रदेश के बाकी हिस्से को जोड़ने के लिए सी ला सुरंग बनायी जा रीह है। 

सी ला एक पर्वत दर्रा है, जिससे होकर सुरंग निकलेगी। चीनी सीमा के बेहद करीब इस सुरंग के बनने से सैनिकों का कम समय में बॉर्डर पर पहुंचना आसान हो जाएगा। इसके साथ ही तनाव के समय की तैयारियों को लेकर सुरक्षाबलों का भरोसा भी बढ़ेगा। इस प्रॉजेक्ट की लागत 687 करोड़ रुपये तय की गई है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक 'इस प्रॉजेक्ट के तहत 12.04 किलोमीटर का इलाका आएगा। इसमें 1,790 मीटर और 475 मीटर की दो सुरंगें शामिल हैं। एक बार काम होने के बाद इन सुरंगों से किसी भी मौसम में आना-जाना आसान होगा। इससे तेजपुर से तवांग जाने का समय बहुत कम हो जाएगा। 

सी ला की चोटी पर तैनात रह चुके सेना के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, 'तेंगा से तवांग तक जाने का रास्ता बहुत दुर्गम है। यहां हमेशा भूस्खलन होता रहता है।' उन्होंने कहा कि पिछले 20 साल से यहां कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि सेना को इस प्रॉजेक्ट का लंबे समय से इंतजार था।  चीन ने तिब्बत के क्षेत्र में 14 एयरबेस बनाए हैं और 58,000 किलोमीटर की सड़कों का जाल बिछाया है। पीपल्स लिबरेशन आर्मी के 30 से 32 डिविजन यहां आसानी से पहुंच सकते हैं और उनकी रसद का इंतजाम किया जा सकता है। चीन अब यहां कुछ अंडरग्राउंड हैंगर और पार्किंग भी बना रहा है। भारत ने अब चीन को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए इस सुरंग का निर्माण शुरू किया है।