इस सुपर दूरबीन से खुलेगा ब्रह्मांड का राज

नई दिल्ली (28 मई): चिली में दुनिया का सबसे बड़ा ऑप्टिकल और इंफ्रारेड दूरबीन बनाया जा रहा है जिससे वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड की गुत्थी को सुलझाने और समझने में मदद मिलेगी। यूरोपियन सदर्न ऑब्जर्वेटरी यानी ESO द्वारा बनाए जा रहे इस अत्यधिक विशाल दूरबीन ELT में मुख्य दर्पण का डायमीटर 39 मीटर का है। इस दूरबीन की खासियत यह है कि इसे ऑप्टिकल सिस्टम का प्रदर्शन सुधारने के लिए इस्तेमाल करने वाली प्रौद्योगिकी एडेप्टिव ऑप्टिकल से बनाया जा रहा है और इसमें वायुमंडल से होने वाले परेशानी को सही करने की क्षमता है जो दूरबीन इंजीनियरिंग को दूसरे स्तर पर ले जाती है।

इस विशाल दूरबीन का निर्माण 2024 तक कर लिया जाएगा। इसे चिली में 3,046 मीटर उंचे पर्वत सेरो आर्मजोन की चोटी पर बनाया जाएगा। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक इस परियोजना में अहम भूमिका निभा रहे हैं और वे इसके स्पेक्ट्रोग्राफ के डिजाइन और निर्माण के लिए जिम्मेदार हैं। ESO के महानिदेशक टिम डीई जीउव ने कहा, ईएलटी से नई खोजें होंगी जिनकी आज कल्पना नहीं की जा सकती और निश्चित रूप से यह दुनिया में कई लोगों को विज्ञान, तकनीक और ब्रह्मांड में हमारे स्थान के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करेगा।

चिली के राष्ट्रपति मिशेल बैचलेट ने दुनिया के इस सबसे बड़े ऑप्टिकल और इंफ्रारेड दूरबीन के निर्माण का उद्घाटन किया। इस मौके पर राष्ट्रपति बैचलेट ने शुक्रवार को कहा, 'यहां अटाकाम मरुस्थल देश के सबसे बड़े प्रतीकात्मक स्थलों में एक है और यह दुनिया का सबसे सूखा इलाका है। हम दूरबीन के निर्माण से कहीं अधिक करने जा रहे हैं। हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी द्वारा प्राप्त किए जाने वाले सबसे महान उदाहरणों में एक के साक्षी बन रहे हैं।'