कश्मीरी युवाओं को भड़काने वाले हुर्रियत नेताओं के बच्चे जीते हैं ऐसी ऐश वाली जिंदगी

नई दिल्ली(18 मई): कश्मीर में हुर्रियत नेता एक तरफ युवाओं को सेना के खिलाफ भड़काते हैं और देश विरोधी नार लगवाते हैं। वहीं ये नेता अपने बच्चे को अच्छी शिक्षा के लिए नामी स्कूलों में भेजते हैं। इनके बच्चे देश के नामी कंपनियों के अलावा विदेशों में नौकरी भी कर रहे हैं और आराम की जिंदगी जी रहे हैं।

- हुर्रियत नेता व अलगाववादियों का आरोप है कि सेना द्वारा संचालित स्कूल अगली पीढ़ी को अपने धर्म-संस्कृति से दूर कर रहे हैं। जबकि वो खुद अपने व अपने संबंधियों के बच्चों को अच्छी शिक्षा हासिल करवा रहे हैं।

- इन नेताओं के बच्चे व रिश्तेदार किस तरह से ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे हैं, इसका एक उदाहरण सैयद अली शाह गिलानी का परिवार व गुट है, जो कश्मीर के युवाओं को 'बड़े मकसद' से हमेशा अपनी पढ़ाई छोड़कर सड़कों पर उतरने को कहते रहे हैं। अप्रत्यक्ष रूप से 'पत्थरबाजी' के लिए उनसे अनुरोध करते रहे हैं।

- गिलानी के बेटे नईम गिलानी पाकिस्तान के रावलपिंडी में चिकित्सक हैं। वहीं उनके दूसरे बेटे जहूर भारत में एक प्राइवेट एयरलाइंस के मेंबर हैं।

- गिलानी की बेटी जेद्दा में एक शिक्षक है और पति वहां एक इंजीनियर है। गिलानी गुट के महासचिव मोहम्मद अशरफ सेहराई ने भी अपने बच्चे को अच्छी शिक्षा दिलाई। उनका बेटा आबिद सेहराई दुबई में एक कंप्यूटर इंजीनियर है। ऐसे और भी कई नाम हैं, जिनके बच्चे पढ़-लिख कर बाहर कहीं अच्छी व सुकून जिंदगी जी रहे हैं।

- जबकि सेना द्वारा संचालित स्कूलों पर निशाना साधते हुए गिलानी ने कहा था, 'हम लोग अपनी अगली पीढ़ी को खो रहे हैं। हमें इन संस्थानों में अपने युवा को नहीं भेजना चाहिए। हमें यह देखना होगा कि ये संस्थान हमारे बच्चों को किस तरह की शिक्षा दे रहे हैं।'