एक मासूम की गुहार- सीएम अंकल मुझे बचा लो...

 

नई दिल्ली(6 सितंबर): एक नन्ही सी जान, दिल में पढ़ने का अरमान लेकिन भगवान का दिया एक ऐसा दर्द जो उसके हर सपनों के पुरा होने में बन रही बाधा। फिर भी इतनी कम उम्र में भी मौत से लड़ने वाला यह मासूम हार मानने को तैयार नहीं और प्रदेश के मुख्यमंत्री से खुद की जिंदगी बचाने की एक कोशिश करते हुये गुहार लगाई है, सीएम अंकल मुझे भी बचा लो। 

- मंत्री राजकिशोर सिंह के विधानसभा क्षेत्र हर्रैया के डहडा बाबू गांव के रहने वाले सात साल के मासूम रौनक की कहानी बेहद  दर्दनाक भरी है। रौनक वैसे तो अभी क्लास एक में पढ़ता है लेकिन उसके दिल में छेद होने की वजह से वह आम बच्चों की तरह जीवन नहीं जी सकता। 

-रौनक के पिता जगदीष सिंह लखनउ मेडिकल कालेज से लेकर मुबंई के हिन्दुजा मेडिकल कालेज में ईलाज के लिये गये लेकिन वहां ईलाज का खर्च सुनकर वे अपने कदम वापस खींच लिये। 

-जगदीष पेशे से किसान है और खेत में काम करने वे किसी तरह से अपने परिवार का भरण पोषण कर पाते हैं ऐसे में बच्चे की बीमारी ने उन्हे और भी चिंतित कर दिया है। 

-डाक्टरों ने बताया कि 5 से 6 लाख रूपये में रौनक के हर्ट का ऑपरेशन संभव है जब कि जगदीष सिंह के लिये इतनी रकम किसी पहाड़ से कम नहीं। रौनक की पढ़ने की बहुत इच्छा है लेकिन अफसोस यह है कि कुछ ही कदम चलने के बाद वह गिर पड़ता है, क्योंकि रौनक का हार्ट ठीक से काम नहीं करता जिस वजह से वह न तो खा पाता है, न सो पाता है और न ही आम बच्चों की तरह वह खेल ही पाता है। 

- रौनक की बीमारी अब इस कदर घातक हो चुकी है कि वह रह रह कर बेहोश हो जाता है और कुछ समय में रौनक का पुरा शरीर नीला पड़ता शुरू हो जाता है। 

- रौनक की मां भी अपने कलेजे के टुकड़े को लेकर हर वक्त रोती रहती है। अपनी आंखो के सामने अपने ही बच्चे को पल पल मौत की तरफ बढ़ता वे देख रहे हैं लेकिन मजबुरी ऐसी कि वे चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहे। 

- रौनक की पढ़ने की इच्छा को देखकर उसके पिता जगदीष उसे हर रोज गोद में उठाकर स्कूल लेकर जाते हैं जहां वह पढ़ने की कोशिश करता है। रौनक की मां ने बताया कि रौनक के दिल में छेद बचपन से ही था और यह बात उन्हे जब पता चली जब करीब 3 साल होने पर रौनक अचानक बेहोश हो गया जिसे डाक्टरों को दिखाया तब उन्हे पता चला कि उसके दिल में छेद है।  - मेडिकल कालेज के डाक्टर ने रौनक का जल्द से जल्द इलाज कराने की बात बताई है ताकि उसकी जिंदगी समय रहते बचाई जा सके। फिल्हाल रौनक की जिंदगी बचाने के लिये इस परिवार ने यूपी के सीएम अखिलेष यादव से गुहार लगाई है,, ताकि उसके बच्चे का जीवन भी आम बच्चों की तरह हो सके।