खतरनाक 'चिकनगुनिया' के बारे में जरूर जाने यह बातें...

नई दिल्ली (13 सितंबर): एनसीआर में चिकनगुनिया बुखार ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। दिल्ली में ही अभी तक इस बुखार ने 4 लोगों की जान लील ली है। ऐसे में इस बीमारी से जुड़ी कुछ खास और काफी महत्वपूर्ण बातों को जानना आपके लिए भी आवश्यक है।

1: सन् 2006 के बाद पहली बार दिल्ली में चिकनगुनिया का मामला सामने आया है। चिकनगुनिया में जोडों में भारी दर्द होता है। लेकिन इससे सामान्य तौर पर मौत की संभावना नहीं रहती है।

2: डेंगी, चिकनगुनिया और मलेरिया, तीनों ही बीमारियों में ही तेज बुखार, सिर में दर्द और भारी थकान जैसे लक्षण होते हैं। इसके अलावा कुछ अतरिक्त लक्षणों की बात करें तो डेंगी में प्लेटलेट्स की संख्या में काफी गिरावट आ जाती है। वहीं चिकनगुनिया में जोड़ों में भयंकर दर्द होता है। मलेरिया में सरदर्द, चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ, त्वचा पर लाल चट्टे पड़ जाना, उल्टी आना और खून की कमी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

3: किसे कराएं एडमिट: वायरल फीवर में 103-104 डिग्री तक बुखार सामान्य बात है। अगर पेशंट का बीपी स्टेबल है और उसे उल्टियां नहीं हो रही हैं तो उसे एडमिट कराने की जरूरत नहीं होती।

4: कब हों परेशान: बहुत अधिक कमजोरी, लगातार उल्टी आना, चक्कर आना या फिर ब्लीडिंग होने पर रोगी को तत्काल हॉस्पिटल ले जाना चाहिए।

5: खुद से न लें दवाई: अगर बुखार आए हुए 24 घंटों से अधिक का समय हो गया है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। ऐसी हालत में अपने आप से ऐंटीबायॉटिक या ऐंटी-फीवर दवाई ना लें।

6: यह है रामबाण इलाज: चिकनगुनिया में पानी से बनी चीजों का अधिक से अधिक सेवन करें। ऐसा करने पर चिकनगुनिया का वायरस अपने आप मर जाता है। लगातार पानी से बनी चीजें लेते रहने से जल्दी रिकवरी होती है।

7: घर को मच्छर मुक्त बनाएं: अपने घर को सुरक्षित रखने से आसान कोई रास्ता नहीं है। मच्छरदानी का प्रयोग करें, पानी की टंकी ढक कर रखें, पानी को कहीं पर भी एकत्रित न होने दें। थोड़ी सी सावधानी से इन बीमारियों से बचा जा सकता है।