आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले शिक्षक को सीएम कमलनाथ ने माफ किया

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (12 जनवरी): मध्यप्रदेश प्रदेश के जबलपुर जिले के एक शासकीय स्कूल के शिक्षक को मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ जी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने पर हुई शिकायत के बाद सिविल सेवा आचरण के नियमों के परिपालन में कलेक्टर ने निलंबित कर दिया। यह जानकारी लगने पर श्री कमलनाथ ने उस शिक्षक के अभद्र कृत्य को " अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बताते हुए न केवल माफ़ कर दिया,बल्कि स्थानीय प्रशासन को उसके विरुद्ध की गई वैधानिक कार्यवाही से भी मुक्त करने का आग्रह किया है।

खानदानी चरित्रों का यह आदर्श स्तुत्य है।यदि "स्वयंभू टाइगर" के साथ ऐसा हुआ होता तो वह  शिक्षक किसी भी झूठे प्रकरण में फंसा होकर  जेल में होता या "मानहानि"के प्रकरण सौभाग्य अर्जित करता हुआ दिखाई देता। इसीलिए कहा जाता है कि खानदानी व्यक्ति की पहचान उसके "पद" से नहीं,"कद" से होती है।

कमलनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है, मेरा ऐसा मानना है कि मैं सदैव इसका पक्षधर रहा हूं। यह भी सही है कि शासकीय सेवा में पदस्थ रहते हुए उनका यह आचरण नियमों का उल्लंघन हो सकता है, इसलिये उन पर निलंबन की कार्यवाही की गई है। लेकिन में यह सोचता हूं कि इन्होंने इस पद पर आने के लिए कितने वर्षों तक तपस्या, मेहनत की होगी। इनका पूरा परिवार इन पर आश्रित होगा। निलंबन की कार्यवाही से इन्हें परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि एक मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी से इन पर निलंबन की कार्यवाही की जाए, यह नियमों के हिसाब से सही हो सकता है, लेकिन में व्यक्तिगत रूप से इन्हें माफ करना चाहता हूं। मैं नहीं चाहता हूं कि इन पर कोई कार्यवाही हो। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का काम होता है, समाज का नवनिर्माण करना। विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा देना। उम्मीद करता हूं कि वे भविष्य में अपने कर्तव्यों पर ध्यान देंगे।