चुनाव आयोग ने विपक्ष के बैलेट की मांग को किया खारिज, कहा- ईवीएम से ही होगा चुनाव

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 जनवरी): बैलेट पेपर के सवाल पर मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा साफ कहा कि बैलेट पेपर से अब चुनाव मुमकिन नहीं है। अब बैलट पेपर के दौर की तरफ नहीं लौटा जा सकता। एक कार्यक्रम के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि 'मैं साफ तौर पर बता देना चाहता हूं कि हम लोग बैलेट पेपर के जमाने में वापस नहीं जा रहे हैं। हम ईवीएम और वीवीपैट से ही चुनाव करवाना जारी रखेंगे।'

इसके साथ ही सुनील अरोड़ा ने कहा कि, 'हम लोग बैलेट पेपर के जमाने में वापस नहीं जा रहे हैं, हम ईवीएम और वीवीपैट को ही जारी रखेंगे। हम किसी भी तरह की आलोचना और प्रतिक्रिया के लिए तैयार हैं, फिर चाहे वह किसी राजनीतिक दल के द्वारा ही की जा रही हो'। साथ ही उन्होंने कहा कि इसी के साथ ही में लगातार हो रही आलोचना के बावजूद ईवीएम और वीवीपैट को नहीं छोड़ेंगे और बैलेट पेपर के जमाने में नहीं जाएंगे। लगे हाथों मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस विषय पर निर्वाचन आयोग हर तरह की आलोचना का सामना करने के लिए तैयार हैं। अगर किसी शख्स या राजनीतिक पार्टी को ऐतराज है तो वो अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। लेकिन एक बात साफ है कि निर्वाचन आयोग किसी दबाव या डर या किसी और वजह से मतपत्रों के जरिए चुनाव नहीं कराएगा।

आपको बता दें कि कई विपक्षी पार्टियां 2019 का आम चुनाव ईवीएम के बदले बैलेट पेपर से कराने की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि अमेरिकी साइबर एक्सपर्ट ने लंदन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि 2014 के लोकसभा चुनाव में ईवीएम में धांधली हुई थी, इसके अलावा 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी ऐसा ही हुआ था। इस खुलासे के बाद से ही कई विपक्षी पार्टियों ने कड़े सवाल खड़े किए थे। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी पार्टियों ने कहा था कि एक्सपर्ट द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच होनी चाहिए।चुनाव आयोग ने जहां इन दावों को निराधार कारार दिया था। वहीं बीजेपी ने हैकर की ओर से किए जा रहे दावे को कांग्रेस प्रायोजित करार दिया है। गौरतलब है कि हैकर की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल भी मौजूद रहे थे, जिसपर भारतीय जनता पार्टी ने सवाल खड़े किए थे। हालांकि, कपिल सिब्बल ने सफाई देते हुए कहा था कि वह पार्टी की ओर से वहां पर नहीं गए थे बल्कि उन्हें बुलावा भेजा गया था। कपिल सिब्बल का कहना था कि अगर कोई ईवीएम पर सवाल खड़े कर रहा है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। गौरतलब है कि ऐसा पहली बार नहीं है जब ईवीएम पर सवाल खड़े हुए हैं। इससे पहले भी बसपा सुप्रीमो मायावती, समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े विपक्षी नेताओं ने ईवीएम की सत्यता पर सवाल उठाए थे।