अर्थव्यवस्था की हालत पर चिदंबरम ने जताई चिंता, बोले- जल्द आवश्यक कदम उठाना जरूरी

नई दिल्ली (1 जून): देश के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की है। चिदंबरम का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था तेजी से नीचे आ रही है और अगर समय रहते में सराकर ने इसे रोकने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाई तो इसमें और गिरावट दर्ज की जाएगी।

पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने कहा कि उनकी देश की अर्थव्यवस्था की धीमी विकास दर की भविष्यवाणी सही थी और नोटबंदी ने इसे और भी बदत्तर बना दिया। चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, मैंने कहा था नोटबंदी से देश की विकास दर 1 से 1.5 फीसदी प्रभावित होगी। अर्थव्यवस्था की रफ्तार जुलाई 2016 से धीमी पड़नी शुरू हो गई थी।

सरकार की ओर से जारी ताजे आंकड़े के मुताबिक मार्च 2017 में समाप्त चौथी तिमाही के दौरान सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP घटकर 6.1 फीसदी रही जो पिछले साल की समान तिमाही में 7  फीसदी थी। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में देश की GDP बढ़कर 7.1 फीसदी रही है, जो 2015-16 के आठ फीसदी के मुकाबले कम है।

जाहिर है नोटबंदी देश के विकास की रफ्तार धीमी पड़ी है। एक झटके में देश से दुनिया की सबसे तेज दौड़ वाली अर्थव्यवस्था का टैग छिन गया। रफ्तार के मामले में चीन ने जनवरी-मार्च 2017 के दौरान 6.9 फीसदी की ग्रोथ रेट देकर इस दौरान भारत की 6.1 फीसदी ग्रोथ को काफी पीछे छोड़ दिया है।