2000 के नए नोट को बंद करेगी सरकार, चिदंबरम ने जताई आशंका

नई दिल्ली (13 दिसंबर): 500 और 1000 के पुराने नोटों पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद देशभर में कैश के लिए कोहराम मचा है। वहीं RBI और सरकार का मानना है कि धीरे-धीरे पैसे की किल्लत खत्म हो रही है और हालत नियंत्रण में है। हालांकि भारी तादाद में 2000 के नए नोट कालेधन के कारोबारियों तक पहुंच चुके हैं और रोजाना लाखों की तादद में नए नोट जब्द भी हो रहे हैं।

उधर कालेधन के कुबेरों तक भारी तादाद में 2000 के नए नोट पहुंचने के बाद अब आशंका जाताई जा रही है कि सरकार आने वाले दिनों में 2000 के नए नोटों को बंद कर सकती है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने आशंका जताई है कि सरकार का नोटबंदी का फैसला बूरी तरफ से फ्लॉप हुआ है और सरकार जल्द ही 2000 के नए नोटों को बंद कर सकती है।

चिदंबर से पहले संघ विचारक और अर्थशास्त्री गुरुमूर्ति ने भी संभावना जताई थी कि कुछ साल में 2000 के नोट चलन से बाहर हो जाएंगे। गुरुमूर्ति ने दावा किया है कि नोटबंदी के बाद 2,000 रुपये के नए नोटों को नकदी की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत देने के एक उपाय के तौर पर लाया गया है और बाद में इसे वापस ले लिया जाएगा।

 

चिदंबरम की बड़ी बातें...

- सरकार का नोटबंदी का फैसला पूरी तरह से फ्लॉप

- 2000 के नोटों पर पाबंदी लगा सकती है सरकार

- नोटबंदी पर 'खोदा पहाड़, निकली चुहिया'

- नोटबंदी से न करप्शन रुका और न ही काले धन पर असर पड़ा। यहां तक कि टेरर फंडिंग भी बंद नहीं हुई।

- बैंकिंग सिस्टम में अगर 15 लाख 44 करोड़ की करंसी पूरी की पूरी वापस आ गई

- नोटबंदी केंद्र सरकार का गरीबों पर सबसे बड़ा हमला

- सरकार ने 45 करोड़ दैनिक मजदूरों की कमर तोड़ दी

- अगर सारा पैसा बैंकिंग सिस्टम में वापस आ गया तो फिर ये नोटबंदी क्यों ?

- इससे लॉन्ग टर्म में देश की GDP बुरी तरह से प्रभावित होगी

- विकास दर में कमी आएगी

- नोटबंदी से अमीर नहीं आम आदमी परेशान

- 65 फीसदी ATM काम नहीं कर रहे हैं

- ग्रामीण और दूर दराज में पैंसों की भारी किल्लत है