पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना 'आयुष्मान भारत' को तगड़ा झटका, डॉक्टरों ने किया इलाज से इनकार

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (12 जुलाई): पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक 'आयुष्मान भारत' को देश में ही नहीं विदेश में भी लोकप्रियता मिल रही है। इस योजना की ब्रांडिंग 'मोदीकेयर' नाम से भी की जा रही है। लेकिन मोदी सरकार की ये महत्वाकांक्षी योजना उसके शासन वाले राज्य छत्तीसगढ़ में मुश्किलों में घिर गई है।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ मेडिकल एसोसिएशन ने आयुष्मान भारत के स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं देने से साफतौर पर इंकार कर दिया है। मेडिकल एसोसिएशन की दलील है कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (MSBY) के पैकेज रेट से आयुष्मान भारत योजना की दरें 40 फीसदी से भी कम है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 14 अप्रैल को बीजापुर से आयुष्मान भारत योजना को लॉन्च किया था।  मेडिकल एसोसिएशन ने आयुष्मान भारत की शर्तों को भी कठिन बताया है। उसके मुताबिक इसमें महिलाओ की डिलेवरी केवल सरकारी अस्पतालों में होगी। यदि वहां के डॉक्टरों को लगेगा कि केस क्रिटिकल और गंभीर है तब वे मरीज को प्राइवेट अस्पतालों में रेफर करेंगे।आपको बता दें कि ह्रदय संबधी बिमारियों के बारे में मेडिकल एसोसिएशन ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत बाईपास सर्जरी के लिए 90 हजार की रकम निर्धारित की गई है।  जबकि MSBY और RSBY (राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना) में यह दर डेढ़ लाख रुपए है। उसकी यह भी दलील है कि सरकारी योजनाओं की तुलना में प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां कहीं ज्यादा पैकेज दे रही हैं।आईएमए छत्तीसगढ़ चेप्टर ने आयुष्मान भारत योजना के पैकेज रेट को अस्वीकार करते हुए इस योजना के तहत मरीजों का इलाज नहीं करने का फैसला लिया है। आईएमए ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग को इसकी लिखित में जानकारी दी है। आईएमए के आलावा छत्तीसगढ़ हॉस्पिटल बोर्ड के चेयरमेन डॉ राकेश गुप्ता का कहना है कि आईएमए आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों का इलाज करने के लिए कटिबद्ध है, लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने खुद कठिन परिस्थितियां पैदा की हैं।