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10 साल पहले ली गई जमीन पर काम नहीं हुआ शुरू, अब किसानों को वापस लौटाएगी सरकार

यूपीए सरकार के कार्यकाल में किसानों की जमीन को लेकर सरकार ने कुछ नियम बनाए थे, जिसमें से एक नियम यह भी था कि अगर सरकार किसानों की जमीन का अधिग्रहण करना चाहती है तो 70 फीसदी किसानों की

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (27 दिसंबर): यूपीए सरकार के कार्यकाल में किसानों की जमीन को लेकर सरकार ने कुछ नियम बनाए थे, जिसमें से एक नियम यह भी था कि अगर सरकार किसानों की जमीन का अधिग्रहण करना चाहती है तो 70 फीसदी किसानों की सहमती ली जाए। इसके अलावा यह भी आवाज उठी थी कि अगर जमीन अधिग्रहण के 10 साल बाद भी उसपर कोई कार्य शुरू नहीं होता है तो वह किसानों को वापस कर दी जाए, लेकिन अभी तक ऐसा किसी प्रदेश में देखने को नहीं मिला। देश में पहली बार छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ऐसा ही कुछ करने जा रही है।

यहां पर साल 2005 में टाटा ने स्टील प्लांट लगाने के लिए एमओयू किया था। एमओयू की शर्तों के मुताबिक पांच साल के भीतर प्लांट का काम शुरू करना होता है, लेकिन 2016 में टाटा ने स्टील प्लांट लगाने से इंकार कर दिया। टाटा स्टील प्लांट के लिए लोहंडीगुड़ा ब्लॉक के 10 गांवों की सरकारी, निजी और वन भूमि को मिलाकर 2043 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण होना था। इसमें 106 हेक्टेयर वन, 173 हेक्टेयर शासकीय व 1707 किसानों की 1765 हेक्टेयर जमीन शामिल है, लेकिन 542 किसानों ने इसका मुआवजा नहीं उठाया।

छत्तीसगढ़ की नवनिर्वाचित कांग्रेस सरकार ने अब किसानों की जमीन वापस करने के वायदे को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों को टाटा इस्पात संयंत्र द्वारा अधिग्रहित भूमि की वापसी के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी करने और मंत्री परिषद की अगली बैठक में प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए हैं। विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी बस्तर की रैली के दौरान किसानों को यकीन दिलाया था कि उनकी जमीन वापस दिलाई जाएगी। अब भूपेश बघेल सरकार इसी काम को पूरा करने में लगी हुई है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस आदेश की जानकारी देते हुए ट्वीट में लिखा, 'राहुल गांधी जी ने बस्तर में टाटा इस्पात संयंत्र के लिए 10 गांवों के किसानों की अधिग्रहित जमीन वापस दिलाने का वादा किया था। उनकी जमीन वापस दिलाने के लिए अधिकारियों को मंत्री परिषद की आगामी बैठक में प्रस्ताव लाने के निर्देश दे दिए गए हैं।' लेकिन, सवाल उठ रहा था कि जमीन वापसी का फॉर्मूला क्या होगा? क्या किसानों को दिया गया मुआवजा वापस लिया जाएगा? राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक मुआवजा वापस नहीं मांगा जाएगा। उन्हें जमीन मुफ्त ही लौटा दी जाएगी।

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