छत्तीसगढ़ के तीसरे मुख्यमंत्री बने भूपेश बघेल, राज्यपाल ने दिलाई शपथ


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (17 दिसंबर): भूपेश बघेल ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। बघेल के अलावा टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू ने मंत्री पद की शपथ ली। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई अन्य दलों के नेता मंच पर मौजूद रहे। शपथ से कुछ घंटे पहले ही बारिश के चलते समारोह स्थल बदल दिया गया था। पहले शपथ ग्रहण साइंस कॉलेज मैदान में होना था, जो कि अब बलवीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में हुआ। 


पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, शरद यादव, नवजोत सिंह सिद्धू, सचिन पायलट, राज बब्बर, जतिन सिंह, नवीन जिंदल, राजीव शुक्ला, आनंद शर्मा, गुरुदास कामत, मल्लिकार्जुन खड़गे, मोहसीना किदवई, प्रमोद तिवारी, फारूख अब्दुल्ला, नारायण सामी, अशोक गहलोत भी समारोह में शरीक हुए। 



कौन है भूपेश बघेल-:


-1993 में वह पाटन से मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए विधायक चुने गए। उन्होंने अगले चुनाव में भी अपनी सीट बरकरार रखी।


-दिसंबर 1998 में दिग्विजय सिंह के कैबिनेट (मुख्यमंत्री से जुड़ी लोक शिकायत विभाग) में बघेल को राज्य मंत्री नियुक्त किया गया और दिसंबर, 1999 में परिवहन मंत्री के रूप में पदोन्नत किया गया। उन्हें जनवरी 2000 में एमपी राज्य सड़क परिवहन निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।


-2000 में छत्तीसगढ़ के निर्माण के बाद बघेल 2003 के चुनाव में अपनी सीट बरकरार रखने में कामयाब रहे। उन्होंने 2003 से 2008 तक छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के उप नेता के रूप में कार्य किया।


-बघेल 2003 तक छत्तीसगढ़ के राजस्व, राहत कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं पुर्नवास के प्रथम मंत्री रहे।


-2008 के चुनाव में वे पाटन विधानसभा सीट से हार गए। 2004 में दुर्ग लोकसभा सीट और 2009 में रायपुर सीट से वो लोकसभा चुनावों में कांग्रेस उम्मीदवार थे लेकिन दोनों बार हार गए। 2013 के 


-विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी पारंपरिक पाटन विधानसभा सीट फिर से प्राप्त कर ली।


-अंतागढ़ उप विधानसभा चुनाव ऑडियो टेप विवाद के बाद उन्होंने राज्य कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी को किनारे करने में कामयाबी हासिल की।


-अक्टूबर 2017 में एक कथित सेक्स टेप वायरल हुआ। सीडी कांड में भूपेश बघेल के खिलाफ रायपुर में प्राथमिकी दर्ज हुई। इस मामले में भूपेश बघेल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भी भेजा गया।


-बघेल ने रमन सिंह सरकार के खिलाफ हवा बनाने का काम किया। उन्होंने सरकार के कई फैसलों के खिलाफ पदयात्रा भी की। मजबूत बीजेपी सरकार के खिलाफ वो डटकर खड़े रहे। उन पर बीजेपी ने व्यक्तिगत हमले भी किए लेकिन वो रुके नहीं।


-बघेल कुर्मी जाति से आते हैं, जो कि राज्य की ओबीसी आबादी में लगभग 36% है। 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए ये उनके पक्ष में गया। 1993 से वो छत्तीसगढ़ मानव कुर्मी क्षत्रिय समाज के संरक्षक हैं।


-वह समाज में सामाजिक सुधारों की वकालत करते हैं। भव्य विवाह कार्यों से बचने और न्यूनतम व्यय के साथ विवाह को बढ़ावा देने के लिए वह सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन करते हैं।