किसानों की बल्ले-बल्ले, 2500 रुपये प्रति क्विंटल बिकेगा धान

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (18 दिसंबर): मध्यप्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के साथ ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक्शन में आ गए हैं। मध्य प्रदेश में कर्ज माफी के चंद घंटे बाद ही छत्तीसगढ़ में भी किसानों का कर्ज माफ कर दिया गया। मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के कुछ घंटे बाद भूपेश बघेल ने भी कैबिनेट की बैठक की और कमलनाथ की राह चलते हुए किसानों का कर्ज माफ कर दिया। इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में झीरम घाटी कांड की एसआईटी से जांच कराने का भी निर्णय लिया गया। भूपेश बघेल की कैबिनेट में तीसरा बड़ा फैसला धान पर लिया गया। राज्य में अब किसानों का धान का ढाई हजार रुपय़े प्रति क्विंटल दाम मिलेगा।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम भूपेश बघेल ने कई बड़े फैसलों का एलान किया। भूपेश बघेल ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद कैबिनेट की बैठक ली और बैठक में कर्जमाफी को लेकर आदेश जारी किया गया। जिसके तहत प्रदेश के करीब 16 लाख 65 हज़ार किसानों को बड़ी राहत दी गई। सरकार ने फैसला लिया कि सहकारी बैंकों और  छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक से लिया गया किसानों का करीब 6100 करोड़ से ज्यादा का ऋण माफ किया जाएगा। साथ ही कमर्शियल बैंकों के कृषि ऋण को भी परीक्षण के बाद माफ करने का एलान किया गया।

सीएम बघेल ने कर्ज़माफी के साथ ही किसानों को एक और बड़ी सौगात दी। धान के समर्थन मूल्य को 1750 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2500 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया। किसानों को राहत देने के अलावा छत्तीसगढ़ की नई सरकार ने 26 मई 2013 को हुए झीरम घाटी हमले की SIT जांच के भी आदेश दिए। इस हमले में नक्सलियों ने कांग्रेस के 26 नेताओं की हत्या कर दी थी। कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में किसानों की कर्जमाफी की बात कही गई थी। सरकार बनते ही मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कर्ज़माफी का एलान कर दिया गया। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राजस्थान की गहलोत सरकार किसानों को कब तक राहत देगी।

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