छत्तीसगढ़ में रक्षक बना भक्षक, 16 आदिवासी महिलाओं से रेप की संगीन वारदात- NHRC

रायपुर (8 नवंबर): अगर रक्षक ही भक्षक बन जाए तो क्या कहेंगे और क्या करेंगे। जी हां ऐसा ही कुछ छत्तीसगढ़ में देखने को मिला है। छत्तीसगढ़ पुलिस पर आरोप है कि यहां के बस्तर जिले में तैनात पुलिसकर्मियों ने 16 आदिवासी महिलाओं के साथ बलात्कार किया और बड़ी तादाद में अदिवासी महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी NHRC के मुताबिक नवंबर 2015 में बस्तर में पुलिस कर्मियों ने भारी तादद में आदिवासी महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया।

इस मामले में आयोग जांच शुरू कर दी है और महिलाओं के बयान भी दर्ज कर रही है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने बीजापुर जिले के पेगदापल्ली, चिन्नागेलुर, पेद्दागेलुर, गुंडम और बर्गीचेरू गांवों में महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया। पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के प्राइवेट पार्ट्स को नुकसान भी पहुंचाया।

यौन उत्पीनड़न से जुड़े मामलों में 34 महिलाओं ने आयोग से शिकायत की। आयोग ने अपनी जांच के दौरान पाया कि सभी पीड़ित महिलाएं आदिवासी थीं, जबकि रिपोर्ट्स दर्ज करते वक्त पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट का पालन नहीं किया। पुलिस ने आदिवासी परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से भी दूर रखने की कोशिश की। इस संबंध में आयोग ने छत्तीसगढ़ सरकार को एक नोटिस जारी करके जवाब मांगा है कि आखिर सरकार की ओर से पीड़ितों के लिए 37लाख रुपये का अंतरिम बजट क्यों नहीं पास किया जाना चाहिए? आयोग ने कहा कि उसे 34 महिलाओं की तरफ से शारीरिक शोषण जैसे रेप, यौन उत्पीड़न, शारीरिक उत्पीड़न की शिकायतें मिलीं और हर मामले में आरोप सुरक्षाकर्मियों पर लगाए गए हैं।