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छत्तीसगढ़: विधायकों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए कांग्रेस ने बनाया ये प्लान

छत्तीसगढ़ में वापसी को लेकर कांग्रेस पार्टी के भले अपने दावे हों लेकिन इन दिनों उसे एक नया डर भी सता रहा है। यह डर उसके जीतने वाले विधायकों की खरीद-फरोख्त का है। पिछले दिनों राहुल गांधी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें जीत के आगे की रणनीति तय की गई है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (3 दिसंबर): छत्तीसगढ़ में वापसी को लेकर कांग्रेस पार्टी के भले अपने दावे हों लेकिन इन दिनों उसे एक नया डर भी सता रहा है। यह डर उसके जीतने वाले विधायकों की खरीद-फरोख्त का है। पिछले दिनों राहुल गांधी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें जीत के आगे की रणनीति तय की गई है।

28 नवंबर को कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय, राजीव भवन में प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता-प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में 90 प्रत्याशियों की बैठक हुई थी। यहां तय किया गया कि चुनाव के परिणाम जारी होते ही सभी विधायक रायपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। पार्टी का मानना है कि अपने निर्वाचन क्षेत्र में रात से उन पर दबाव बनाया जा सकता है।

रायपुर में क्या होगा यह पार्टी हाई कमान तय कर चुका है। पिछले तीन विधानसभा चुनावों के मुकाबले कांग्रेस ने इस बार अलग तरह की रणनीति बनाई है। पार्टी ने हर जिले में पदाधिकारियों की एक टीम बनाने का फैसला किया है। टीम में शामिल सदस्यों का काम विधायकों को निश्चित स्थान तक पहुंचाने का होगा। आखिरी समय पर रायपुर की जगह विधायकों को किसी गोपनीय स्थान पर भी भेजा जा सकता है। पार्टी, विधायकों के मोबाइल की गतिविधियों पर भी नजर रखेगी।

2003 में भाजपा सरकार बनाने की तैयारी कर रही थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की चुनावों में हार हुई थी। इसी दौरान भाजपा के विधायकों को तोड़ने की कोशिश हुई और तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी का नाम सामने आया था। इसकी जांच भी हुई थी। 

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