भगवान भास्कर के आस्था का पर्व है छठ, तैयारियां शुरू

नई दिल्ली (31 अक्टूबर): दिवाली के साथ ही पूर्वांचल में चल में छठ की तैयारियां तेज हो गई है। इसबार छठ पूजा 6 और 7 नवंबर को है। हालांकि इस पूजा की शुरुआत 4 नवंबर को कद्दू-भात से ही हो जाएगी। 5 नवंबर को नहाय-खाय (खरना), 6 नवंबर की शाम को पहला अर्घ्य और दूसरा 7 नवंबर को सुबह का अर्घ्य में दिया जाएगा।

छठ का कार्यक्रम...

- 4 नवंबर को व्रत रखने वाली महिलाएं स्नान कर उबले अरवा चावल, चना दाल और कद्दू की सब्जी ही भोजन के रूप में ग्रहण करेंगी, इसे कद्दू-भात भी कहा जाता है

- 5 नवंबर की शाम को व्रति विधि विधान से रोटी और गुड़ से बनी खीर का प्रसाद तैयार करती है और फिर पूजा के बाद सूर्य भगवान को स्मरण कर प्रसाद लेंगी। इस पूजा को खरना कहा जाता है। उपासक व्रत के एक दिन पहले से ही बिस्तर का त्याग कर जमीन पर सोते हैं।

- 6 नवंबर की शाम को डूबते हुए शूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा

- 7 नवंबर की सुबह को उगते हुए शूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा