16 गोली खाने के बाद भी आतंकियों पर चीते की तरह टूट पड़ा चेतन चीता

नई दिल्ली (16 फरवरी):  उसका पूरा जिस्म छलनी हो चुका था... ग्रेनेड के धमाके से दोनों हाथ की हड्डियां भी टूट चुकी थीं...दहशतगर्दों की गोलियों से एक आंख जा चुकी... एके47 की गोली सिर के आर-पार हो चुकी थी फिर भी 'चीते' की दहाड़ कम न हुई... मौत के मुहाने पर खड़ा होने के बावजूद उसने बंदूक उठाई और एक ही गोली में लश्कर-ए-तैयबा के दुर्दांत आतंकी कमांडर अबू हारिश को ढ़ेर कर दिया। गोलीबारी थमी तो पता चला कि कोटा राजस्थान का यह जांबाज बेटा मौत से जूझ रहा है। सेना के श्रीनगर बेस हॉस्पीटल ने हाथ खड़े कर दिए तो आनन-फानन में एयर एम्बुलेंस से दिल्ली स्थित एम्स के ट्रोमा सेंटर में लाया गया। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इसका नाम चेतन चीता है, चीते की तरह दुश्मन पर टूटता है। सीआरपीएफ का कमाण्डिंग ऑफिसर है...सोलह गोलियां खाने के बाद भी मौत को मात दे रहा है...!